ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक लोड को कम करने के लिए एक अलग प्रकार की योजना तैयार की गई है। इसके तहत सड़क को डबल डेकर बनाने की तैयारी है। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश में कई एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। हालांकि, अब तक यहां डबल डेकर सड़कें नहीं बनी हैं। ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित सड़क प्रदेश की पहली डबल डेकर रोड होगी। प्रस्ताव के तहत 130 मीटर रोड से एनएच-9 तक करीब ढाई किलोमीटर में मौजूदा सड़क के ऊपर दो एलिवेटेड लेयर का निर्माण किया जाएगा।
क्या है योजना?
प्रदेश की पहली डबल डेकर सड़क ग्रेटर नोएडा में बनाई जाएगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, नोएडा अथॉरिटी, जीडीए और एनएचएआई के संयुक्त प्रयास से 130 मीटर रोड से क्रासिंग रिपब्लिक होते हुए एनएच-9 तक करीब ढाई किलोमीटर लंबी डबल डेकर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मौजूदा सड़क पहले की तरह स्थानीय लोगों के लिए खुली रहेगी।
योजना के तहत मौजूदा सड़क के ठीक ऊपर दो नई एलिवेटेड लेयर बनाई जाएंगी। हर लेयर 9 से 10 मीटर चौड़ी होगी। इसमें 3-3 लेन होंगी। इन लेन को वन वे रखा जाएगा। इससे इस पूरे कारिडोर पर जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
क्या होगा फायदा?
डबल डेकर सड़क के निर्माण से एनएच-9 और 130 मीटर रोड के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी। साथ ही, क्रॉसिंग रिपब्लिक की तरफ भी जाने में वाहन चालकों को आसानी होगी। अभी लोगों को इस रोड पर वाहनों के भारी दबाव के कारण जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क के निर्माण से एनएच-9 से जेवर एयरपोर्ट तक की राह भी आसान हो जाएगी।
