दो कोचिंग सेंटर संचालकों पर होगा मुकदमा, सोशल मीडिया पर आयोग की छवि धूमिल करने का आरोप

Rohit Kumar
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देहरादून: विभिन्न विभागों के स्नातक स्तरीय परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों पर सवाल खड़े करने वाले दो कोचिंग सेंटरों के संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने रायपुर थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, जल्द ही इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि नौ जुलाई को विभिन्न विभागों के स्नातक स्तरीय पदों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई, जिसके बाद 21 जुलाई को उक्त पदों के दस्तावेज सत्यापन व टंकण परीक्षा के लिए सूची आयोग की वेबसाइट पर जारी की गई। इसमें तीन अभ्यर्थियों के बारे में गलत अफवाह फैलाई गई।

बताया गया कि अभ्यर्थी जगदीश सिंह के लोक सेवा आयोग हरिद्वार की ओर से आयोजित पटवारी-लेखपाल भर्ती परीक्षा में 16 अंक थे, जबकि आयोग की ओर से आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में उन्होंने पांचवां स्थान प्राप्त किया है। जांच में सामने आया कि जगदीश सिंह की उम्र सीमा अधिक होने के चलते वह पटवारी-लेखपाल परीक्षा के लिए पात्र नहीं थे।

इसी तरह कमल किशोर पुत्र दीवान राम व चंद्र शेखर पुत्र दीवान राम आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में सफल अभ्यर्थी रहे हैं। इनके बारे में यह अफवाह फैलाई गई कि दोनों भाई हैं व परीक्षा में गलत तरीकों का प्रयोग करके पास हुए हैं।

जांच में स्पष्ट हुआ है कि कमल किशोर जिला नैनीताल और चंद्रशेखर बागेश्वर जिले के रहने वाले हैं और भाई नहीं हैं। आयोग की ओर से करवाई गई जांच में यह भी सामने आया है कि दो कोचिंग सेंटर संचालक भी खुद इस परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा में असफल रहे। इन्होंने आयोग व सफल अभ्यर्थियों की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह अफवाह फैलाई है।

थानाध्यक्ष रायपुर कुंदन राम ने बताया कि इस मामले में आयोग की ओर से दी गई शिकायत मिल गई है। शिकायत में कोचिंग सेंटर व अफवाह फैलाने का नाम शामिल नहीं है। इसके साथ ही अफवाह क्या फैलाई गई है, इसके भी साक्ष्य नहीं हैं। ऐसे में मंगलवार को वह चौकी इंचार्ज को भेजकर दस्तावेज मांगेंगे। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।

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