पेट और हिप्स की चर्बी को कम करने के लिए किये जाते हैं ये 3 योगासन, जानें नाम और करने का सही तरीका

Rohit Kumar
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नई दिल्ली। शरीर का सबसे ज्यादा फैट पेट, पीठ के निचले हिस्से यानी कमर और हिप्स पर नजर आता है और इन्हें कम करना इतना आसान नहीं होता। कई महीने लगाने के बाद भी हल्का-फुल्का अंतर ही नजर आता है। लेकिन अगर आप यहां दिए जा रहे बस इन 3 योग आसनों का नियमित रूप से अभ्यास करेंगे तो बहुत ही जल्द आप यहां जमे जिद्दी फैट को दूर कर सकते हैं। तो आइए जानें इन आसनों के बारे में।

1. पार्श्वउपविष्टकोणासन

इस आसन से जांघ, हैमस्ट्रिंग, हिप ज्वॉइंट, पीठ, हाथ और कंधों का फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। सबसे जरूरी पेट की चर्बी कम होती है। पाचन अंगों की अच्छी तरह मसाज होती है जिससे डाइजेशन सही रहता है। यहां तक कि यह आसन डायबिटीज मरीजों के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

पार्श्वउपविष्टकोणासन करने का तरीका

– मैट पर दंडासन में बैठ जाएं।

– दोनों पैरों को जितना ज्यादा हो सके खोलें।

– सांस छोड़े हुए अपर बॉडी को पहले दाईं ओर झुकाएं और बाएं हाथ से दाएं पैर की उंगलियों को पकड़े।

– पैर की उंगलियों को अपनी तरफ खींचें जिससे हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आए। कुछ सेकेंड तक इस आसन में बने रहें फिर दूसरी तरफ से यही करें।

– यह एक चक्र पूरा हुआ ऐसे ही कम से कम 3 या 5 बार करें।

सावधानी- कमर, गर्दन और हिप्स में किसी तरह की दिक्कत हो तो इस आसन को करना अवॉयड करें।

2. परिघासन

कूल्हे से लेकर अंगुलियों तक की स्ट्रेचिंग हो जाती है इस आसन से। स्पाइन की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और पेट की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती है।

परिघासन करने का तरीका

– घुटनों के बल बैठ जाएं। अब अपने बाएं पैर को बाईं ओर फैलाएं। एड़ी को जमीन पर रखें।

– लंबी गहरी सांस लेते हुए बाएं हाथ से बाएं पैर के पंजे को पकड़े और दाहिने हाथ को ऊपर की रखें।

– कमर के साथ जो पैर खुला हुआ है वहां खिंचाव होगा।

– इस मुद्रा में जितनी देर रह सकते हैं बने रहें। उसके बाद वापस घुटने के बल आ जाएं।

– दूसरी तरफ से यही प्रोसेस दोहराएं।

सावधानी- कंधे, कमर, घुटने में किसी भी तरह की चोट लगी तो इस आसन को न करने की सलाह दी जाती है।

3. उत्थित त्रिकोणासन

इस आसन के नियमत अभ्यास से कमर की चर्बी तेजी से कम होती है। तनाव से छुटकारा मिलता है। यह आसन सायटिका, गर्दन में दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस में भी उपयोगी है। पीठ दर्द से राहत दिलाता है और इससे लोअर बॉडी भी स्ट्रॉन्ग होती है।

उत्थित त्रिकोणासन करने का तरीका

– ताड़ासन में खड़े हो जाए और पेरों के बीच चार से पांच फीट की दूरी बना लें।

– अब दाहिने पंजे को बाहर की ओर निकालें।

– धीरे-धीरे सांस भरते हुए हाथों को कंधे की सीध में ले आएं। सांस छोड़ते हुए दाएं हाथ से दाहिने पैर के पंजे को छुएं और बाएं हाथ को ऊपर आसमान की ओर रखें। नजर ऊपर वाले हाथ पर टिकाएं।

– कुछ सेकेंड इस स्थिति में बने रहें फिर ऊपर आएं और यही प्रोसेस बाईं ओर से दोहराएं।

सावधानी- गर्दन में बहुत ज्यादा दर्द हो तो सिर ऊपर करने के बजाय सामने की ओर रखें। लो ब्लड प्रेशर, सिर दर्द होने पर यह आसन न करें।

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