जेवर (ग्रेटर नोएडा)। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के गांव डुंढेरा में ग्राम सचिवालय के मुख्य हाल की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय आसपास कोई बच्चा या ग्रामीण मौजूद नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है।
उनका कहना है कि ग्राम सचिवालय का भवन काफी पुराना और जर्जर हालत में था। यमुना प्राधिकरण की तरफ से दो माह पहले ही भवन में रिपेयरिंग का काम कराया गया था। वहीं प्राधिकरण रिपेयरिंग के काम से इन्कार कर रहा है।
गंभीर हो सकता था हादसा
ग्रामीणों के मुताबिक, ग्राम सचिवालय के आसपास बच्चे अक्सर खेलते रहते हैं। जिस समय छत गिरी, उस दौरान बच्चे वहां मौजूद नहीं थे, वरना हादसा गंभीर हो सकता था। छत गिरने की तेज आवाज से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा देखा दुर्घटना के बारे में पता चला।
ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत कार्य के बावजूद भवन की छत सुरक्षित नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर दो माह पहले कराए गए रिपेयरिंग कार्य के बाद भी छत कैसे गिर गई।
ग्रामीणों ने भवन की तकनीकी जांच कराने और जर्जर हिस्से को तत्काल हटाकर सुरक्षित कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बाकी बचे हुए हिस्से का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्राम सचिवालय लगभग 30 वर्ष पूर्व अंबेडकर भवन के रूप में बनाया गया था बाद में उसे पंचायत भवन और अब ग्राम सचिवालय के नाम से जाना जाने लगा इमारत काफी जर्जर थी यमुना प्राधिकरण ने दो माह पहले इसमें मरम्मत का काम कराया था। बृहस्पतिवार को अचानक हाल की छत पूरी तरह से गिर गई। – मोहित शर्मा, पूर्व ग्राम प्रधान डुंढेरा
डुंढेरा में पंचायत भवन पहले से बना हुआ है। विधायक की ओर से इसे दुरुस्त करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इमारत के जर्जर होने के कारण काम शुरू नहीं किया गया था। – राजेंद्र भाटी, महाप्रबंधक परियोजना यीडा
