नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहित किया था। नियमानुसार 10 प्रतिशत विकसित भूखंड का लाभ किसानों को मिलना चाहिए था, लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने केवल छह प्रतिशत विकसित भूखंड दिया।
इसके विरोध में जो किसान न्यायालय गए, उन्हें 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिया गया, लेकिन यह 44 गांव के एक लाख वंचित किसानों परिवार के साथ अन्याय है, क्योंकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उन्हें न्यायालय जाने से रोका था और कहा था कि सभी को 10 प्रतिशत प्लाट दिया जाएगा ताकि विकास में बाधा न आए।
लगभग एक लाख लोग प्रभावित हो रहे
शेष चार प्रतिशत विकसित भूखंड से वंचित किसानों परिवार को लाभांवित कराया जाए। यह मांग बृहस्पतिवार को किसान संगठन ने भारतीय जनता पाटी पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर से कही है। सेक्टर-33 स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि इस मुद्दे के कारण क्षेत्र के 44 गांवों के किसान प्रभावित हैं और लगभग एक लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं।
अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी
उन्होंने बताया कि इन वंचित किसानों ने पहले अन्य जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को ज्ञापन, मौन जुलूस और अनशन के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त कर चुके है। अब उनका अगला कदम अनिश्चितकालीन धरना होगा।
भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि वे इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात करेंगे और किसानों की मांग को उनके समक्ष रखेंगे। किसानों ने आशा जताई कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले का संज्ञान लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

