पटाखों पर प्रतिबंध का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सौरभ भारद्वाज ने कोर्ट की भूमिका को बताया निर्णायक

Amit
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नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर लगे प्रतिबंध को लेकर अब विवाद सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक जा पहुंचा है। इस मुद्दे पर जहां जनमानस में तीखी प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं, वहीं राजनीतिक दलों के नेता भी इस पर अपनी राय रख रहे हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि दिवाली पर पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक तथा छठ पूजा के आयोजन जैसे विषय सीधे तौर पर न्यायालय की निगरानी में हैं। ऐसे में इन पर अंतिम फैसला अदालत द्वारा ही लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की राय पूरे देश पर लागू होनी चाहिए: भारद्वाज

सौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी.आर. गवई ने टिप्पणी की थी कि अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है, तो उसे केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित न रखते हुए पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दे चुका है, और अब यह उसी अदालत के विवेक पर निर्भर है कि वह इस बैन को जारी रखे या इसमें कोई बदलाव करे।

राजनीति से ऊपर है पर्यावरण और न्यायालय की भूमिका: AAP

भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस विषय को राजनीति से जोड़कर नहीं देखती, बल्कि यह पूरी तरह से पर्यावरण और न्यायिक आदेशों से जुड़ा मसला है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे अदालत के निर्णय का सम्मान करें, क्योंकि यह फैसला जनस्वास्थ्य और कानून दोनों के संतुलन के आधार पर लिया जाएगा।

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