
ग्रेटर नोएडा। यीडा क्षेत्र के गुनपुरा गांव में जमीन का मुआवजा वितरण में एक और लापरवाही सामने आई है। प्रशासन ने जिस किसान को दूसरे किसान की जमीन का मूल मुआवजा दिया था, उसी ने प्राधिकरण से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे की तकरीबन 13 लाख रुपये भी वसूले थे। अब मूल मुआवजे के साथ अतिरिक्त मुआवजे की राशि भी किसान से वसूल की जाएगी।
यीडा के पास कैसे पहुंचा मामला?
गुनपुरा के किसान की यीडा के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने जमीन अधिगृहीत की थी। किसान अधिग्रहण से पहले ही कुछ जमीन दूसरे किसान को बेच चुका था, लेकिन जमीन खरीदने वाले किसान ने दस्तावेजों में इसे दर्ज नहीं कराया। इसका फायदा उठाते हुए मूल किसान से संपूर्ण जमीन का मूल मुआवजा 20.64 लाख रुपये प्रशासन से ले लिया। इसकी जानकारी जब जमीन खरीदने वाले किसान को हुई तो उसने अपने हिस्से के मुआवजे की मांग की।
शेष रकम अभी वसूली जाएगी
बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। मुआवजा उठाने वाले ने बिक्री हो चुकी जमीन का मुआवजा दूसरे किसान के खाते में ट्रांसफर कर दिया। दोनोंं पक्षों में इसे लिखित रूप में दर्ज कराया, लेकिन बाद में शिकायत आने पर प्रशासन ने मूल किसान को गलती से दी गई मुआवजा राशि की वसूली के लिए आरसी जारी कर दी। छह लाख रुपये वसूली भी कर ली, शेष रकम अभी वसूल की जानी है।
फिर 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का आवंटन होगा
इसी बीच जांच में यह भी सामने आया है कि मूल किसान ने जमीन के एवज में प्राधिकरण से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा भी ले ली थी। यह रकम भी अब मूल किसान से वसूलकर जमीन खरीदने वाले किसान को दी जाएगी। इसके बाद ही किसानों को जमीन के एवज में मिलने वाला 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का आवंटन होगा।
यीडा के एसडीएम अभिषेक साही का कहना है कि दोनों किसानों के बीच मुआवजा राशि का विवाद सुलझ गया है। अतिरिक्त मुआवजा राशि वसूल कर पात्र किसान को दिलाई जाएगी। इसके बाद ही आबादी भूखंड का आवंटन होगा।
प्राधिकरण सहमत लेकर प्रशासन प्रक्रिया पूरा कराने पर अड़ा
दोनों किसानों के बाद मूल मुआवजे को लेकर हुए समझौते पर यीडा सहमत है, लेकिन प्रशासन तैयार नहीं है। किसानों के बाद मुआवजे की रकम के बंटवारे के बावजूद प्रशासन के रिकार्ड में मुआवजा वितरण की त्रुटि बनी रहेगी। इसलिए प्रशासन नियमानुसार मूल किसान के खाते में भेजे गए अतिरिक्त मूल मुआवजा की राशि को वसूली कर नियमानुसार पात्र किसान के खाते में ट्रांसफर करेगा।
