गाजियाबाद पुलिस में लापरवाही पर सख्ती, 7 महीने में 193 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

News Desk
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गाजियाबाद। गाजियाबाद कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर इस साल लगातार सख्ती हुई है। एक जनवरी से 31 जुलाई तक सात महीने में 193 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई।

इनमें 55 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि 138 को लाइन हाजिर किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में औसतन हर 26 घंटे में एक पुलिसकर्मी कार्रवाई की जद में आया।

हाल ही में भोजपुर पुलिस की कस्टडी से एक आरोपित के फरार होने के मामले में भी थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई थी।

55 पुलिसकर्मी निलंबित, 138 लाइन हाजिर

सात महीने में हुई 193 कार्रवाइयों में सबसे अधिक 138 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। वहीं 55 पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई।

जोनवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नगर जोन में 19 पुलिसकर्मी निलंबित और 56 लाइन हाजिर किए गए। ग्रामीण जोन में 18 निलंबन और 40 लाइन हाजिरी हुई। ट्रांस हिंडन जोन में भी 18 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए, जबकि 42 को लाइन हाजिर किया गया।

इस तरह हर महीने औसतन 27 से अधिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई।

एक नजर में कार्रवाई का आंकड़ा

जोन निलंबित लाइन हाजिर कुल कार्रवाई
नगर जोन 19 56 75
ग्रामीण जोन 18 40 58
ट्रांस हिंडन जोन 18 42 60
कुल 55 138 193

फीडबैक सेल की नकारात्मक रिपोर्ट पर भी कार्रवाई

कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने के लिए फीडबैक सेल की रिपोर्ट को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। लोगों से पुलिस की कार्यप्रणाली, गश्त और शिकायतों के निस्तारण को लेकर मिलने वाले फीडबैक में नकारात्मक स्थिति सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराई गई।

लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की गई। इससे फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही पर भी नजर रखी जा रही है।

स्नेचिंग रोकने में नाकामी पर भी गिरी गाज

जिन इलाकों में लगातार स्नेचिंग की घटनाएं हुईं, वहां तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा की गई और कार्रवाई भी हुई।

पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का यह आंकड़ा एक तरफ अधिकारियों की सख्ती को दिखाता है, वहीं दूसरी ओर फील्ड पुलिसिंग की खामियों की ओर भी इशारा करता है। सवाल यह भी उठता है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की नौबत क्यों आई।

लापरवाही बरतने वालों पर आगे भी सख्ती जारी रहेगी। उन्होंने कहा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम करने से व्यवस्था दुरुस्त रहती है।

 धवल जायसवाल, डीसीपी मुख्यालय, गाजियाबाद

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