गाजियाबाद। मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में देना विजयनगर निवासी फूल विक्रेता को भारी पड़ गया। दुकान पर आने वाले एक युवक ने पहले धीरे-धीरे उससे जान-पहचान बढ़ाई और फिर उसका मोबाइल लेकर गेम खेलने लगा। कुछ समय बाद युवक का दुकान पर आना बंद हो गया, लेकिन इस दौरान पीड़ित के बैंक खाते से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर होती रही।
मोबाइल गेम खेलकर वापिस कर देता
करीब एक साल तक चले इस खेल में खाते से 4.71 लाख रुपये विभिन्न खातों में पहुंचा दिए गए। इसके बाद आरोपित ने आना बंद कर दिया। कुछ समय बाद मोबाइल चेक करने पर रकम ट्रांसफर होने के मैसेज मिले तो पीड़ित को ठगी का पता चला।
पुराना विजयनगर निवासी मुकेश कुमार फूल बेचने का काम करते हैं। उनकी दुकान पर रामकुमार नाम का व्यक्ति आता था। वह धीरे-धीरे उनसे जान-पहचान बढ़ाने लगा।
कुछ समय बाद रामकुमार का बेटा सुमित भी दुकान पर आने लगा। आरोप है कि सुमित उनसे मोबाइल लेकर गेम खेलता था और कुछ देर बाद वापस कर देता था।
कुल 4.71 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए
पीड़ित को उस पर कोई शक नहीं हुआ। कुछ समय बाद सुमित का दुकान पर आना बंद हो गया। इसके बाद एक दिन उनके भांजे कपिल ने मोबाइल चेक किया तो खाते से रुपये ट्रांसफर होने के मैसेज दिखे। मुकेश ने बैंक जाकर खाते की जानकारी ली तो पता चला कि 25 जून 2025 से इस वर्ष 14 जून के बीच ऑनलाइन लेनदेन के जरिये कुल 4.71 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
किनके खातों में गये रुपये?
पीड़ित का आरोप है कि यह रकम सुमित, उसकी मां रश्मि, समीर, ईशा त्यागी तथा बलदेव से जुड़े खातों में ट्रांसफर की गई। पीड़ित ने सभी पर साजिश के तहत रकम हड़पने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय के मुताबिक विजयनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन और आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के आधार पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
