
ग्रेटर नोएडा: सूरजपुर एरिया में चर्चित रोबिन सिंह हत्याकांड में जिला न्यायालय ने शनिवार को 3 सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने गांव पाली निवासी सुबोध, रवि और सागर को हत्या का दोषी करार देते हुए 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषियों को एक साल दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए बागपत निवासी मनीष को सबूत मिटाने के अपराध में 5 साल के कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी बनाई गई सुबोध, रवि और सागर की मां अंजू और बहन मोनिका को सबूतों के अभाव में हुए बरी कर दिया।
फरवरी 2022 में लापता हो गया था रोबिन
एडीजीसी अपराध धर्मेंद्र जैत ने बताया कि फरवरी 2022 में गांव पाली निवासी 22 वर्षीय रोबिन सिंह घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला तो पिता ने थाना सूरजपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो रोबिन के साथ अनहोनी की आशंका सामने आई। इसके बाद मामले को हत्या में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
शादी के बाद भी मोनिका को परेशान करता था रोबिन
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के समय दावा किया था कि रोबिन का गांव की ही युवती मोनिका से प्रेम प्रसंग था। 2019 में मोनिका की शादी होने के बाद उसने रोबिन से दूरी बना ली थी। पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद रोबिन उसे परेशान करता था। मोनिका ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी थी। इसके बाद हत्या की साजिश रचने का आरोप था।
मोनिका ने फोन कर रोबिन को बुलाया था मायके
पुलिस के मुताबिक, 27 फरवरी को मोनिका ने फोन कर रोबिन को पाली स्थित अपने मायके बुलाया था। वहां उसके भाई सुबोध, सागर और रवि समेत अन्य मौजूद थे। इस दौरान रोबिन की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और पहचान व सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को कोट नहर में फेंक दिया था।
