गाजियाबाद में चौंकाने वाला मामला: दादा-दादी ने खुद को बताया जैविक माता-पिता, बना फर्जी जन्म प्रमाण पत्र

News Desk
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गाजियाबाद। गोविंदपुरम निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग दंपती ने तीन वर्षीय बच्चे का खुद को जैविक माता-पिता बताकर उसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया। दंपती ने दावा किया कि यह बच्चा घर में पैदा हुआ।

निगम ने जांच में यह भी पता नहीं किया कि 75 वर्षीय महिला बच्चा को कैसे जन्म दे सकती है। दूसरी ओर बुजुर्ग दंपती ने अदालत को बताया कि उन्होंने यह बच्चा गोद लिया है। इससे साफ है कि फर्जीवाड़ा कर जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया।

बुजुर्ग दंपती के बेटे और बेटी की मौत हो चुकी है। अब उन्होंने नाती को अपने पास रखने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया।

कोर्ट में चला गया मामला

दरअसल यह बच्चा वर्ष 2020 में गोद लिया गया था। बच्चा बुजुर्ग दंपती की बेटी रश्मि शर्मा और दामाद राजीव कुमार शर्मा के साथ रहता था। रश्मि की मौत होने के बाद बच्चे पर 75 वर्षीय नानी-नाना ने अपना दावा कर दिया। यह मामला कोर्ट चला गया।

कोर्ट ने बच्चे को सप्ताह में तीन दिन पिता और चार दिन नानी-नानी के साथ रहने का अंतरिम आदेश दिया था। ऐसे में बच्चा तीन दिन पिता और चार दिन बुजुर्ग दंपती के साथ रहता है। बच्चा तीन दिन एक स्कूल और तीन दिन दूसरे स्कूल में पढ़ने के लिए जाता है। फर्जीवाड़े को लेकर राजीव की ओर से सबूत के साथ अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। पिता हीरा कारोबारी हैं। जबकि नाना स्वास्थ्य विभाग और नानी शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं।

अधिवक्ता विजय सिंघल ने बताया कि मोदीनगर की मोदीपोन कालोनी निवासी राजीव कुमार शर्मा की शादी वर्ष 2015 में गोविंदपुरम निवासी रश्मि शर्मा से हुई थी। संतान न होने पर दोनों ने परिवार की सहमति से 16 मई 2020 को हापुड़ के सिंभावली स्थित नवदीप अस्पताल से एक दिन के नवजात शिशु श्रीयांशु को गोद लिया था। सरकारी अस्पताल में हुए टीकाकरण रिकार्ड में भी दोनों के नाम माता-पिता के रूप में दर्ज हैं।

कोर्ट में संरक्षकता का मामला लंबित

26 फरवरी 2023 को कैंसर से रश्मि शर्मा का निधन हो गया। इसके बाद बच्चे की अभिरक्षा को लेकर विवाद शुरू हो गया। राजीव शर्मा बेटे के साथ मोदीनगर में रहने लगे। जबकि उनके सास-ससुर ने बच्चे की संरक्षकता को लेकर परिवार न्यायालय में वाद दायर कर दिया। न्यायालय में संरक्षकता का मामला लंबित है। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि नाना-नानी का दावा है कि बच्चा उन्होंने ही गोद लिया था।

बुजुर्ग दंपती ने खुद को बताया जैविक माता-पिता : बुजुर्ग दंपती ने नगर निगम के कवि नगर जोन से बेटे का नया जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया। प्रमाण पत्र पर पंजीकरण की तारीख और प्रमाण पत्र जारी करने की एक ही तारीख 10 जुलाई 2023 है।

सवाल उठ रहा है कि पंजीकरण और जारी करने की एक ही तारीख कैसे हो सकती है? जबकि बुजुर्ग दंपती ने अदालत में बताया कि बच्चा उन्होंने गोद लिया है। उन्होंने इस संबंध में नगर आयुक्त से भी शिकायत की है। निगम अधिकारियों ने न तो दस्तावेजों का पर्याप्त सत्यापन किया और न ही यह जांचने की जरूरत समझी कि 75 वर्षीय दंपती जैविक माता-पिता कैसे हो सकते हैं।

तीन दिन एक और चार दूसरे स्कूल में पढ़ता है बच्चा 

अधिवक्ता विजय सिंघल ने जब बच्चा पिता के पास रहता है तो तीन दिन तक मोदीनगर के तिबड़ा रोड स्थित बाल विद्या केंद्र स्कूल में जाता है। बच्चा एलकेजी में पढ़ता है। तीन दिन बाद वह बच्चे को लेकर गाजियाबाद स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय जाते हैं। यहां बच्चे के नाना-नानी भी आते हैं।

इसके बाद चार दिन के लिए वह कागजी प्रक्रिया के तहत बच्चे को नाना-नानी को हैंडओवर करते हैं। चार दिन पूरे होने के बाद फिर दोबारा से यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। 11 सितंबर 2023 में मिले कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद बच्चे का सप्ताह में दो जगह पालन पोषण हो रहा है।

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