दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर सीवर संकट, घुटनों तक गंदे पानी में डूबा रास्ता

News Desk
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दक्षिणी दिल्ली। साइबर सिटी गुरुग्राम से दिल्ली की सीमा में घुसते ही लोगों को घुटनों तक भरे सीवर के गंदे पानी में से होकर गुजरना पड़ता है। इसमें कारों के पहिये भी डूब जाते हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक इसमें से गुजरते समय गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन समस्या मा समाधान नहीं किया जा रहा है।

गुरुग्राम से आते समय एमसीडी टोल के नजदीक पहला गांव मांडी है। इस इलाके में सीवर लाइन नहीं बिछाई गई है। ऐसे में लोगों के घरों से निकलने वाली गंदगी सीधे नालियों में जाती है। पहले लोगों के घरों से निकलने वाली गंदगी, नालियों से होकर निजी जमीन पर बने तालाब में जाती थी गंदगी। तालाब पाट देने के बाद नालियों की निकासी ठप हो गई, जिसके बाद तिराहे पर छतरपुर-मांडी रोड व डेरा मांडी रोड पर सीवर का गंदा पानी जमा हो गया है।

पार्किंग में भी यह गंदा पानी घुसेगा

यह स्थिति पिछले सात महीने से है। जल्द मानसून आ जाएगा और स्कूल भी खुल जाएंगे। ऐसे में तेज वर्षा होने पर आसपास की 50 से अधिक बहुमंजिला इमारतों की पार्किंग में भी यह गंदा पानी घुसेगा। तब बच्चों से लेकर बड़ों तक का बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।

स्थानीय निवासियों ने इलाके में सीवर लाइन बिछाने के लिए कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। शनिवार को स्थानीय विधायक करतार सिंह तंवर ने क्षेत्र का निरीक्षण किया, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।

इलाके में जब पानी निकासी की व्यवस्था नहीं थी, तो संबंधित विभाग ने यहां 50 से अधिक मल्टीस्टोरी की अनुमति कैसे दी। स्कूल खुलने वाले हैं, बच्चे कैसे जाएंगे। – रोहित कौशिक

तिराहे पर छतरपुर-मांडी रोड से डेरा-मांडी रोड की ओर लगभग 200 मीटर की नाली बनाकर समस्या का समाधान किया जा सकता है, लेकिन अधिकारी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। – राजेंद्र पुरी

अभी यह हालत है तो मानसून में हम लोगों का क्या होगा। पानी इमारतों की बेसमेंट में भरेगा। गाड़ियां खराब होंगी। हमारी वाशरूम की लाइन चोक हो जाएगी। हम बाहर भी नहीं निकल पाएंगे। – अजय नाथ शर्मा

दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए कनेक्टिविटी देखकर ही परिवार के साथ यहां रहने के लिए आया था। वर्षा होने पर स्थिति और बिगड़ेगी। निदान नहीं हुआ तो कहीं और जाकर रहना पड़ेगा। – कुणाल झा

दो माह पहले यह मुद्दा मेरे संज्ञान में आया है। वहां स्थिति काफी खराब है। लोग गुरुग्राम से दिल्ली इसी रास्ते आते-जाते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष भी लोगों की यह समस्या रखी थी। उन्होंने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित भी किया था। मानसून के पहले संबंधित विभाग से समस्या का निदान कराने का प्रयास किया जाएगा। – रामवीर सिंह बिधूड़ी, सांसद, दक्षिणी दिल्ली

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