जेवर। वर्षों से टूटे पड़े राष्ट्रीय राजमार्ग हामिदपुर बुलंदशहर पिछले माह करोड़ों की लागत से बनाने का काम शुरू हुआ। सड़क निर्माण के बाद जल निकासी के लिए नालियां और साइड में इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने का काम पूरा भी नहीं हुआ था।
उससे पहले ही सड़क वाहनों का वजन सहन नहीं कर पाई और जगह-जगह टूटकर बिखर गई। लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए विभाग से शिकायत की जिसके बाद दो बार मरम्मत कराई गई। उसके बाद भी सड़क पूरी तरह से टूट गई।
हामिदपुर से बुलंदशहर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 334 डीडी काफी समय से टूटा हुआ था। इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों के वाहन आए दिन गहरे गड्ढों में फंसकर दुर्घटना का शिकार होते थे।
लोगों की लगातार उठती मांग के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोक निर्माण विभाग ने टूटे हुए स्थान पर सड़क के निर्माण दोनों साइड पानी निकासी के नालियां और कुछ हिस्से में सड़क किनारे इंटरलाकिंग का काम करने के लिए टेंडर निकाला था।
पहली बार 10 दिन में ही टूट गई सड़क
निर्माण एजेंसी ने टेंडर हासिल करने के बाद जून माह के शुरूआत में सड़क निर्माण का काम पूरा करा दिया। लोगों का आरोप है कि सड़क बनाने में गुणवत्ता नहीं होने के चलते निमार्ण के दस दिन के अंदर ही सड़क टूट गई।
लोगों की शिकायत पर टूटे हुए स्थानों पर मरम्मत करा दी गई लेकिन 15 दिन के भीतर ही सड़क फिर से टूट गई। वर्तमान में सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है।
बिटुमिन लेयर उखड़ने से सड़क में जगह-जगह गहरे गड्ढे बनते जा रहे हैं। जिससे इस मार्ग से लोगों का निकला भी दुश्वार होता जा रहा है। लेकिन सड़क का निर्माण नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
लोगों की शिकायत के बाद निर्माण एजेंसी का भुगतान पूरी तरह से राेक दिया गया है। वर्षा का मौसम होने के बाद टूटे हुए स्थानों पर पत्थर डालकर गहरे गड्ढे होने का बचाव करते हुए यातायात सुचारू रखा जा रहा है वर्षा खत्म होने के बाद सड़क का दोबारा से निर्माण कराया जाएगा।
– अरविंद सिंह यादव, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोक निर्माण विभाग गाजियाबाद

