बेइज्जती का बदला संजीव जीवा की हत्या, कबूलनामे में विजय यादव का बड़ा खुलासा

Rohit Kumar
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लखनऊ: माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर और यूपी बीजेपी के कद्दावर नेता रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के आरोपी संजीव जीवा की लखनऊ में हुई हत्या मामले में बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। संजीव जीवा की हत्या के आरोपी विजय यादव ने कबूलनामे में वो वजह बताई है, जिसकी वजह ये इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।

आरोपी विजय यादव ने कबूलनामे में क्या कहा?

संजीव जीवा की हत्या के आरोपी विजय यादव ने कबूलनामे में बताया है कि नेपाल में संजीव जीवा की हत्या की डील हुई थी। इस हत्या को एक कैदी आतिफ के भाई असलम के कहने पर अंजाम दिया गया। जीवा को मारने के लिए असलम ने 20 लाख की सुपारी दी थी।

दरअसल संजीव जीवा ने लखनऊ की जेल में बंद असलम के भाई आतिफ की दाढ़ी नोंची थी। इसलिए असलम ने भाई आतिफ की बेइज्जती का बदला लेने के लिए विजय को जीवा की सुपारी दी थी और उसके बदले में 20 लाख रुपए देने की डील की थी।

कब हुई थी संजीव जीवा की हत्या?

7 जून को लखनऊ कचहरी में संजीव जीवा नाम के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजीव जीवा को माफिया मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता था। संजीव जीवा यूपी के पूर्व ऊर्जा मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी के हत्याकांड का आरोपी था। हमलावर वकील के कपड़ों में आए थे।

कौन है विजय यादव, जिस पर जीवा की हत्या का लगा आरोप

जीवा की हत्या का आरोपी विजय यादव जौनपुर का रहने वाला है। वह काफी समय से लखनऊ में किसी प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा था। उसने मुंबई में भी नौकरी की है। काफी दिनों से वह परिवार के संपर्क में नहीं था। विजय कुल चार भाई हैं, जिसमें वह तीसरे नंबर का था। सूत्रों के अनुसार, इसने आज़मगढ़ से एक लड़की भी भगाई थी।

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