गाजियाबाद – लोनी इलाके में हुए रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी योगेश कुमार हत्याकांड में फरार चल रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही नवीन कुमार ने आखिरकार मंगलवार को अदालत का रुख किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से छिपे नवीन ने गाजियाबाद की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
यह सनसनीखेज मामला अशोक विहार कॉलोनी का है, जहां 26 दिसंबर को योगेश कुमार की उनके घर से कुछ दूरी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस हत्या की साजिश खुद मृतक के बेटों नीतीश और गुड्डू ने रची थी। दोनों बेटे पिता के व्यवहार से नाराज थे और उन्होंने पड़ोसी अरविंद को करीब पांच लाख रुपये देकर हत्या की सुपारी दी थी।
अरविंद ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने बहनोई, यूपी पुलिस में तैनात सिपाही नवीन कुमार की मदद ली। हत्या के बाद मामले को गुमराह करने के लिए योगेश कुमार के बेटों ने ही अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस जांच में पूरी सच्चाई सामने आ गई।
इस केस में पहले अरविंद को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि नवीन कुमार और मृतक के दोनों बेटे फरार चल रहे थे। पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद नवीन ने पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था। उसने दाढ़ी और बाल बढ़ा लिए थे और लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार वकील के जरिए उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया।
लोनी के एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सिपाही नवीन को जेल भेज दिया गया है और जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि हत्या में शामिल अन्य पहलुओं और साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। वहीं, मृतक के दोनों बेटों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। दोनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर रखे हैं और परिजनों से भी संपर्क नहीं कर रहे हैं।
बताया गया है कि नवीन कुमार मूल रूप से अलीगढ़ जिले के चंडौस क्षेत्र का रहने वाला है और उसकी तैनाती कौशांबी जिले के पुलिस मीडिया सेल में थी। वह बीमारी का हवाला देकर अगस्त से छुट्टी पर था और इसके बाद ड्यूटी पर वापस नहीं लौटा। मामले के सामने आने के बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

