गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित बालमुकुंद रेजिडेंसी में एक बार फिर आवासीय सोसायटी से जुड़े विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोसायटी के एओए अध्यक्ष विकास शर्मा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन स्थल पर लगाए गए बैनर के अनुसार, यह आंदोलन कथित रूप से पद के दुरुपयोग, प्रशासनिक उदासीनता और सोसायटी से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है।
अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में सोसायटी के निवासी भी मौजूद दिखाई दिए। महिलाओं और अन्य निवासियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी शिकायतों पर लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
बैनर पर लिखी मांगों के अनुसार, प्रदर्शनकारी सोसायटी से जुड़े कुछ मुकदमों को वापस लेने, कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच कराने, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लिखित रूप में आश्वासन नहीं देंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अनशन कर रहे विकास शर्मा का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी के विरोध में उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोसायटी के हितों की अनदेखी की जा रही है और निवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
दूसरी ओर, इस मामले में जिन व्यक्तियों और पक्षों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सोसायटी से जुड़े विवादों का जल्द समाधान होना चाहिए ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

