नोएडा- नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के मामले में अब जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पुलिस जांच में सोशल मीडिया के जरिए भड़काने की साजिश के संकेत मिले हैं, जिसमें पाकिस्तान से संचालित दो एक्स (X) अकाउंट्स की भूमिका सामने आई है। इन अकाउंट्स की गतिविधियों की गहन जांच के लिए एटीएस भी सक्रिय हो गई है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कुछ लोग मजदूरों को प्रदर्शन और हिंसा के लिए उकसा रहे थे। पुलिस अब रुपेश राय, मनीषा चौधरी, आकृति और सृष्टि समेत कई लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इनका संबंध किसी संगठित नेटवर्क से हो सकता है।
हिंसक प्रदर्शन के दौरान शहर में कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। पुलिस ने अब तक कार्रवाई करते हुए करीब 1100 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिनमें 70 लोग सीधे तौर पर उपद्रव में शामिल पाए गए हैं। बाकी लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है।
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जिनके खिलाफ हिंसा और आगजनी के पुख्ता सबूत मिलेंगे, उन्हें मुख्य आरोपियों में शामिल किया जाएगा।
इस बीच कुछ परिवारों ने अपने परिजनों के लापता होने का आरोप लगाया है। खोड़ा क्षेत्र के एक परिवार का कहना है कि उनका 18 वर्षीय बेटा सोमवार से घर नहीं लौटा था और पुलिस द्वारा हिरासत में लेने की आशंका जताई गई। हालांकि बाद में उसे छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

