गाजियाबाद। कमला नेहरू नगर स्थित राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान में प्रधानमंत्री के लोकार्पण शिलापट के गायब होने के आरोपों के मामले में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को करीब पांच घंटे तक संस्थान परिसर में तलाश के बाद पुलिस को शिलापट प्रबंधक के कमरे में रखा मिला।
शिलापट बरामद होने के बाद पुलिस ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर रविवार को आयुष मंत्रालय और प्रशासन को भेज दी है। अब मंत्रालय और प्रशासन के स्तर से मिलने वाले निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिलापट को हटवाकर उसे एक अधिकारी के कक्ष में रखवा दिया
संस्थान के पूर्व कर्मचारी अमित उपाध्याय ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा से गाजियाबाद समेत देशभर के पांच एनआइयूएम संस्थानों का शिलान्यास किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में संस्थान के प्रबंधक ने शिलापट को हटवाकर उसे एक अधिकारी के कक्ष में रखवा दिया था।
शनिवार को पुलिस टीम संस्थान पहुंची और परिसर में विभिन्न स्थानों पर करीब पांच घंटे तक शिलापट की तलाश की। काफी देर तक खोजबीन के बाद शिलापट प्रबंधक के कमरे में रखा मिला।
जांच में सामने आए तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल किया
इसके बाद पुलिस ने शिलापट मिलने की स्थिति समेत जांच में सामने आए तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल किया। संस्थान के निदेशक सैयद शाह आलम ने पूर्व में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया था। उनका कहना था कि संस्थान से हटने के बाद कुछ लोग संस्थान की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
शिलापट मिलने के संबंध में पुलिस ने अपनी रिपोर्ट बनाकर मंत्रालय और प्रशासन को भेज दी है। वहां से प्राप्त निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। – सिद्धार्थ गौतम, एसीपी कविनगर
