
ग्रेटर नोएडा। शहर के जिम्मेदारों ने कागजों पर ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर एक में संचालित हो रहे आरएमसी प्लांट को बंद कराया है। जबकि यहां पर आरएमसी प्लांट बीते तीन वर्षों से संचालित हो रहे हैं, जोकि आसपास की करीब आठ सोसायटियों में रहने वाली 50 हजार की आबादी की सांसों में जहर घोलने का काम कर रहे हैं।
सोसायटी वासियों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से लेकर जिला प्रशासन और प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस कारण समस्या घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।
लोगों के लिए बड़ा खतरा
बता दें कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर एक में बीते तीन वर्षों से मानकों के विपरीत एक या दो नहीं बल्कि सात से आठ आरएमसी प्लांट संचालित हो रहे हैं। इन प्लांट के संचालित होने से एस डिवीनो, विहान ग्रींस अंतरिक्ष, एआईजी रायल, हरिअंत अंबर, ट्विन काउंटी, फ्लोरा हेरिटेज समेत कई आसपास की सोसायटी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
प्लांट से निकलने वाले प्रदूषण के कारण सोसायटी में रहने वाले बच्चों, गर्भवतियों और बुजुर्गों के लिए सबसे अधिक खतरा बना रहता है, क्योंकि इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण अधिक प्रदूषण सांस लेने से लेकर अस्थमा, टीबी के अलावा कई अन्य तरह की सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बना रहता है।
वहीं, इन प्लांट के लगातार संचालित होने से सोसायटी निवासियों की रात की नींद खराब होने से भी कई बीमारियों जैसे बीपी, डायबिटीज आदि का खतरा बढ़ रहा है।
मानकों के विपरीत सोसायटियों के बीच करीब आठ आरएमसी प्लांट का संचालन हो रहा है। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। – सिद्धार्थ शुक्ला, स्थानीय
आरएमसी प्लांट के कारण यहां के लोगों को सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। जिम्मेदारों से शिकायत की गई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। – पंकज शर्मा, स्थानीय
ग्रेनो प्राधिकरण, प्रदूषण विभाग के अलावा जिला प्रशासन से भी शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। समस्या का समाधान होना चाहिए। – संजीव पुंडीर, स्थानीय
