गाजियाबाद में 19 साल से अधूरी टाउनशिप, प्लाट बेचने के आरोप में दो निदेशकों पर केस

News Desk
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गाजियाबाद। वेव सिटी क्षेत्र के शाहपुर बम्हेटा में विकसित की जा रही जयपुरिया सनराइज ग्रीन और शौर्यपुरम इंटीग्रेटेड टाउनशिप को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वीकृत लेआउट के मुताबिक विकास कार्य पूरे नहीं करने और इसके बावजूद प्लाटों की बिक्री जारी रखने के आरोप में प्राधिकरण ने दोनों कंपनियों के निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

जीडीए के अवर अभियंता की शिकायत ओर एमएसएमई एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सूर्यकांत जयपुरिया और शौर्यपुरम इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनिल जैन को आरोपित बनाया गया है। प्राधिकरण ने शाहपुर बम्हेटा गांव की जमीन पर करीब 300 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने के लिए योजना स्वीकृत हुई थी। पहले चरण में 180 एकड़ की योजना तैयार की गई और 13 फरवरी 2007 को डेवलपमेंट एग्रीमेंट हुआ।

पांच साल का प्लान, 19 साल बाद भी नहीं हुआ पूरा

योजना को पांच वर्ष में पूरा किया जाना था, लेकिन 19 वर्षों बाद भी इसे पूरी तरह विकसित नहीं किया गया। प्राधिकरण का आरोप है कि स्वीकृत लेआउट के अनुसार सीवर, जल निकासी, पानी की लाइन व टंकी, सड़क, नाली, पार्क, कूड़ा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट और बिजली कनेक्शन समेत कई जरूरी विकास कार्य पूरे नहीं किए गए।

सुरक्षा और रखरखाव की स्थिति को लेकर भी निवासियों की ओर से लगातार शिकायतें आती रहीं। जीडीए ने 2020 से लेकर 2025 तक कई बार बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों को नोटिस दिए तथा बैठकें कर विकास कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद प्राधिकरण के मुताबिक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। वर्ष 2022 में स्वीकृत मानचित्र, विकसित और अध्यासित फ्लैटों आदि का विवरण भी मांगा गया था, लेकिन उसका भी रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

मामले में जीडीए ने यह भी आरोप लगाया है कि अधूरी सुविधाओं के बावजूद स्थानीय निवासियों के साथ धोखाधड़ी करते हुए प्लाटिंग और बिक्री का काम जारी रखा गया। जयपुरिया सनराइज ग्रीन में करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में सीवर और बरसात का पानी जमा होने का उल्लेख भी शिकायत में किया गया है, जिससे हादसे की आशंका जताई गई थी। यह भी आरोप है कि बिल्डर ने गरीबों के लिए एलआइजी और ईडब्लूएस फ्लैट भी बनाकर नहीं दिए हैं। इस मामले में बिल्डर प्रबंधन से उनका पक्ष का जानने के लिए फोन और वाट्सएप पर मैसेज किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

प्राधिकरण की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। मामले में जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे कार्रवाई की जाएगी।
-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी

टाउनशिप में फिलहाल एओए या आरडब्ल्यूए भी नहीं है। निवासियों के मुताबिक एनएच-नौ से टाउनशिप के प्रवेश के लिए प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ है। आंतरिक और बाहरी सड़कें भी बदहाल हैं।
-वरूण शर्मा, जयपुरिया सनराइज ग्रीन निवासी

सोसायटी बनने के बाद से सड़क, पानी, नाली और पार्क तक विकसित नहीं हो पाए हैं। पुलिस स्टेशन और सामुदायिक भवन जैसे सार्वजनिक कार्यों के लिए तय प्लाटों को बेचा जा चुका है, और यहां के निवासियों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
-सुशील कुमार शर्मा, निवासी जयपुरिया सोसायटी

सोसायटी में आने के लिए कोई मुख्य मार्ग नहीं है और बचा हुआ एकमात्र रास्ता भी पूरी तरह खराब है। बारिश के दौरान पूरी सोसायटी जलमग्न हो जाती है। इसके अलावा, आइजीएल गैस पाइपलाइन के ऊपर पार्क बनाए जाने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
-सिद्धार्थ यादव, निवासी शौर्यपुरम सोसायटी

18 साल बीत जाने के बाद भी यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। पार्कों में झाड़ियां हैं और स्ट्रीट लाइटें टूटी पड़ी हैं तथा सीवर और नाले खुले हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई है।
-बी के मुदगल, निवासी शौर्यपुरम सोसायटी

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