गाजियाबाद। जिले में सरकार की ओर से दी जा रही वृद्धावस्था पेंशन में अनियमितता सामने आई हैं। कई महीनों से जिले में 167 बुजुर्ग ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद उनके खाते में पेंशन जा रही थी। जिला समाज कल्याण विभाग ने जब सत्यापन कराया तो इनकी पोल खुलकर सामने आ गई।
विभाग की ओर से तत्काल इनकी पेंशन को निरस्त कर दिया गया है। अब तक 80 प्रतिशत खातों का सत्यापन कराया जा चुका है। अभी सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद ऐसे खातों की संख्या बढ़ भी सकती है। प्रदेश सरकार गरीब बुजुर्गों को आर्थिक मदद के तौर पर वृद्धा पेंशन देती है।
इसमें हर लाभार्थी को 1500 रुपये महीने मिलते हैं। तीन माह बाद एक साथ 4500 रुपये सीधे बुजुर्गों के खाते में पहुंचते हैं। गाजियाबाद जिले में 23346 बुजुर्ग इस वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। समाज कल्याण विभाग ने जिले भर में लाभार्थियों का सर्वे करा रहा है। अभी तक की सर्वे रिपोर्ट में यह पर्दाफाश हुआ है।
इन्हें मिल सकता है योजना का लाभ
वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता है। लाभार्थी को किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ नहीं मिलना चाहिए। वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन करने के लिए लाभार्थी की आयु कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए।
जिले में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन कार्य चल रहा है। अब तक 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसमें 167 मृृतक थे, जिनकी पेंशन निरस्त कर दी गई है। कुछ ही दिनों में सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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संदीप चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी

