
ग्रेटर नोएडा : यहां के जारचा थाना क्षेत्र में स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट के परिसर में तेंदुए की मौजूदगी का दावा करने वाला वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो क्लिप में एक तेंदुए जैसा जानवर किसी अन्य जानवर का पीछा करता दिखाई दे रहा है, जबकि एक अलग वीडियो में वही जानवर अपने मुंह में किसी शिकार को दबाए हुए नजर आ रहा है। इसके बाद स्थानीय लोग चिंतित हो गए हैं।
परिसर के जंगल में पंजों के निशान पाए गए
वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद वन विभाग को सूचना दे दी गई। वन विभाग की टीम एनटीपीसी प्लांट के पास स्थित जंगल में पहुंची। वहां पर जंगली जानवर के पंजों के निशान पाए गए। प्रारंभिक जांच के आधार पर अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि यह जानवर फिशिंग कैट हो सकता है। हालांकि, सावधानी बरतते हुए वन विभाग ने प्लांट के जंगल वाले इलाके में कई स्थानों पर जाल बिछा दिए हैं। टीम लगातार निगरानी कर रही है।
आसपास रहने वाले के लोग चिंता में डूबे
वीडियो सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चा होने लगी है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यह जानवर इंसानों या पालतू जानवरों के लिए खतरा बन सकता है। वन विभाग की विस्तृत जांच और पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा जानवर वास्तव में तेंदुआ है या फिर फिशिंग कैट। जब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, तब तक प्रशासन और वन विभाग एहतियाती उपायों के तहत निगरानी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
पहले भी देखे गए हैं जंगली जानवर
गौतम बुद्ध नगर में इससे पहले भी जंगली जानवरों के आने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अगस्त 2026 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में तेंदुए के मौजूद होने का दावा किया गया था और इसका वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद वन विभाग ने जांच की थी और कहा था कि वीडियो पुराना है और जानवर फिशिंग कैट हो सकता है। इसी तरह, वर्ष 2015 में एनटीपीसी दादरी में एक तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया था। अक्टूबर 2020 में भी ग्रेटर नोएडा के एनटीपीसी संयंत्र में एक तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया था।
