नोएडा बस अग्निकांड: मां का हाथ थामे आग में समाया बेटा, पैर में दर्द के चलते बाहर नहीं निकल पा रही थीं सुनीता

News Desk
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ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 सितंबर की देर रात चलती स्लीपर बस में लगी आग के हादसे में जान गंवाने वाले सभी नौ यात्रियों की पहचान हो गई है। शुक्रवार को महोबा निवासी सुनीता गुप्ता (50) और बेटे शशांक गुप्ता तथा नोएडा निवासी ओमप्रकाश के शव की शिनाख्त हुई। गुरुग्राम में इंडिगो एयरलाइंस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर शशांक अपनी मां संग गुरुग्राम से महोबा लौट रहे थे। हादसे के बाद दोनों लापता थे।

परिजनों के अनुसार, चलने-फिरने में असमर्थ मां को बचाने के प्रयास में शशांक भी बस से बाहर नहीं निकल सके और दोनों की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, ओमप्रकाश की पहचान उनके गले में पहनी चेन के आधार पर की गई।

परिजनों के मुताबिक, सुनीता गुप्ता करीब एक महीने से अपने बेटे शशांक के साथ गुरुग्राम में रह रही थीं। पैरों और घुटनों की बीमारी के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं और उनका इलाज चल रहा था। परिवार के एक रिश्तेदार को हार्ट अटैक आने के बाद शशांक अपनी मां को लेकर महोबा लौट रहे थे।

दोनों बस की पिछली सीट पर बैठे थे। परिजनों ने बताया कि बस में आग लगने के बाद धुआं तेजी से फैलने लगा और यात्रियों में अफरातफरी मच गई। बताया गया कि शशांक मां को अकेला छोड़कर बाहर नहीं निकले। उन्होंने मां को बचाने का प्रयास किया, लेकिन धुएं और आग में दोनों फंस गए।

परिवार का कहना है कि सुनीता अपनी बीमारी के कारण खुद बस से निकलने की स्थिति में नहीं थीं। शवों की पहचान शुक्रवार को होने के बाद परिवार को हादसे में दोनों की मौत की जानकारी मिली।

वहीं हादसे में जान गंवाने वाले ओमप्रकाश नोएडा के रहने वाले थे। शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण चेहरे से पहचान मुश्किल थी। परिजनों ने गले में पहनी चेन के आधार पर शव की पहचान की।

इन नौ यात्रियों की गई जान

छतरपुर निवासी श्रुति रावत, हमीरपुर के राठ निवासी सरोज गुप्ता (52) और बेटा मयंक गुप्ता (28), हरियाणा के हिसार निवासी देवेंद्र सहाय भारद्वाज (60), जालौन निवासी हर शरण गुप्ता (55), हमीरपुर के मुस्कुरा निवासी ऊषा देवी (65), महोबा निवासी सुनीता गुप्ता (50) और उनके बेटे शशांक गुप्ता तथा नोएडा निवासी ओमप्रकाश की मौत हुई है।

आरोपी चालक और परिचालक को भेजा गया जेल

वहीं शुक्रवार को बस के दोनों चालक और हेल्पर को पवन, विनोद और योगेश को जेल भेज दिया गया पवन और विनोद बस चला रहे थे, जबकि योगेश हेल्पर था। पुलिस ने घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी शुरू की है।

पुलिस का कहना है कि मामले में बस संचालक से भी पूछताछ की जाएगी। इसके लिए बस संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही बस में मौजूद यात्रियों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

दिल्ली पुलिस को पत्र भेजेगी नोएडा पुलिस

पुलिस की शुरुआती जांच में बस में लगे एयर कंडीशनर में स्पार्क के बाद शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। नोएडा पुलिस की ओर से कश्मीरी गेट से संचालित होने वाली बसों के संबंध में दिल्ली पुलिस को पत्र भेजे जाने की भी बात कही गई है।

पुलिस यह जानकारी जुटाना चाहती है कि कश्मीरी गेट से किन परिस्थितियों में ऐसी बसों का संचालन हो रहा है और उनके संचालन एवं दस्तावेज की जांच किस स्तर पर हो रही है।

हादसे के बाद शुरू हुई बसों की जांच

वहीं, जेवर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी नौ मृतकों की पहचान पूरी कर ली गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना के वक्त चालक और परिचालक ने शराब नहीं पी रखी थी।

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