ग्रेटर नोएडा कांड: महेश की दो बहनें और बहनोई गिरफ्तार, मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुला राज

News Desk
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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा मोड़ आ गया है. रबूपुरा के नगला श्रीपदम गांव में महेश, उसकी पत्नी और तीन बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने महेश की दो बहनों और एक बहनोई को गिरफ्तार किया है. मृतक के मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग में तीनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस की जांच में मकान को लेकर पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है. मृतका ललिता के भाई की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है. हालांकि, पांचों की मौत की असल वजह अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग में बहनों और बहनोई पर गंभीर आरोप

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र में पांच लोगों की मौत के मामले की जांच के दौरान महेश के मोबाइल से एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है. पुलिस के मुताबिक, इस रिकॉर्डिंग में महेश ने अपनी बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है. रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पुलिस ने पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच तेज कर दी है. हालांकि, ऑडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता और मौतों से उनके संबंध की जांच अभी जारी है.

महेश की दो बहनें और बहनोई गिरफ्तार, BNS की धारा 108 में मुकदमा

मृतका ललिता के भाई आकाश की शिकायत पर पुलिस ने महेश की दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत कार्रवाई की है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखर उर्फ चंद्रशेखर (50), उसकी पत्नी सुनीता (45) और सपना (32) के रूप में हुई है. शेखर और सुनीता दिल्ली के शालीमार गांव के रहने वाले हैं. वहीं, सपना दिल्ली के खेड़ा कला की निवासी है. पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है.

मकान को लेकर चल रहा था विवाद

पुलिस को आसपास के लोगों और रिश्तेदारों से पूछताछ में मकान को लेकर पारिवारिक विवाद की जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि महेश अपनी मां चंद्रवती के साथ जिस मकान में रहता था, उसे उसकी बड़ी बहन सुनीता ने कथित तौर पर मां से अपने नाम करा लिया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद महेश परेशान रहने लगा था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मकान के विवाद और परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बीच कोई संबंध था या नहीं.

शनिवार को घर में मिले थे पांचों शव,तीन मासूम बच्चों की भी मौत

ग्रेटर नोएडा के नगला श्रीपदम गांव में शनिवार को एक ही परिवार के पांच सदस्यों के मृत मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी. मृतकों की पहचान महेश (37), उसकी पत्नी ललिता (35) और उनके तीन बच्चों के रूप में हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के नाम लड्डू उर्फ साक्षात (11), मिष्टी (7) और रियांश (3) बताए गए हैं. घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी.

रात में मेला देखकर लौटा था परिवार, सुबह सामने आई घटना

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात परिवार मेला देखकर घर लौटा था. घर आने के बाद सभी ने नूडल्स (मैगी) और चाय का सेवन किया. इसके बाद परिवार के सदस्य सोने चले गए. अगली सुबह बच्चों को परीक्षा देने जाना था. उन्हें जगाने के लिए पड़ोस का एक बच्चा घर पहुंचा. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर वह दीवार फांदकर अंदर गया. वहां परिवार के पांचों सदस्य अचेत अवस्था में मिले. इसके बाद पड़ोसियों और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई.

पोस्टमार्टम की हुई वीडियोग्राफी, पांचों का विसरा सुरक्षित

पांचों मौतों की वजह पता लगाने के लिए चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई. डॉक्टरों ने सभी शवों का विसरा सुरक्षित किया है. इन्हें जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है. घटना के बाद फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची थी. टीमों ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच की.

CCTV फुटेज में नहीं दिखा कोई बाहरी व्यक्ति

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है. पुलिस के मुताबिक, फुटेज में कोई बाहरी व्यक्ति घर के अंदर आता दिखाई नहीं दिया. हालांकि, पुलिस अभी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है. केवल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है.

जहर या फूड पॉइजनिंग? विसरा रिपोर्ट से खुलेगा मौत का कारण

घटना के बाद परिवार के खाने-पीने की चीजों की भी जांच की गई. शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका पर भी पड़ताल की गई थी. पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने की जानकारी सामने आई थी. हालांकि, मौत की सटीक वजह की पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस अब मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग, मकान विवाद, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. विसरा रिपोर्ट और पुलिस विवेचना के निष्कर्ष आने के बाद ही पांचों की मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी.

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