नोएडा। इंजीनियर आर्यन की बृहस्पतिवार सुबह सेक्टर-58 में हुई मौत मामले में सरकारी मशीनरी की हर दिन की लापरवाही सामने आ रही है। जिम्मेदारों की तो छोड़ो। आरोपितों पर कार्रवाई करने वाले ही बच रहे हैं। पुलिस प्रशासन कोई भी इंजीनियर की मौत को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है।
चौथे दिन दर्ज नहीं मामला, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात
अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनको कोई शिकायत ही नहीं मिली है। वह शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे। उधर, इंजीनियर के चाचा अनमोल का दावा है कि उन्होंने सेक्टर 57 पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस के रवैये को देखते हुए अब वह दोबारा शिकायत देने पर जोर दे रहे हैं। नतीजतन घटना के चौथे दिन भी मामला दर्ज नहीं हो सका। इससे रवैये से साफ है कि कसूरवारों पर कार्रवाई होने में पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है।
इंजीनियर के चाचा सेक्टर 57 चौकी पुलिस को दे चुके हैं शिकायत
आर्यन के चाचा अनमोल का कहना है कि उनकी ओर से सेक्टर 57 चौकी में लिखित शिकायत दी जा चुकी है। उन्होंने अपने एक जानकार को मामला दर्ज होने की कापी लेने के लिए रविवार को थाने व चौकी जाने को भेजा था, लेकिन मामला दर्ज होने की कापी प्राप्त नहीं हो सकी। जानकारी में आया है कि पुलिस शिकायत मिलने से इनकार कर रही है।
अगर ऐसा है तो वह जल्द ही दोबारा शिकायत देंगे। इस मामले में जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई कराएंगे। अगर मौके पर करंट नहीं उतर रहा होता और स्लैब पड़ी होती तो उनके घर का लाल जिंदा होता। उधर, पूरे मामले को लेकर एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि चौकी व थाने पर जानकारी की गई तो पता चला कि कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
स्वतं संज्ञान क्यों नहीं लिया?
अभी भी सबसे बड़ा सवाल यह है कि नोएडा में दूसरी बार इंजीनियर की मौत का मामला सामने आया है। दूसरी बार भी सरकारी मशीनरी की लापरवाही से मौत होना सामने आया है। इसके बावजूद भी किसको बचाने का प्रयास हो रहा है। न तो पुलिस और न ही जिलाधिकारी की ओर से इंजीनियर की मौत पर स्वतं संज्ञान क्यों नहीं लिया जा रहा, जबकि करंट लगने और नाले में गिरने के तमाम स्पष्ट साक्ष्य सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं।
क्या है मामला?
आर्यन सेक्टर 58 ए-तीन के सामने नाले की स्लैब पर चलते हुए एकाएक गिरा था। वह नाले में ही पड़ा रह गया। चार सेकेंड बाद एक युवक नाले से आर्यन को बाहर निकालने के आया। उसने हाथ डालकर आर्यन को बाहर निकालना चाहा तो उसको झटका लगा था।
वह एकाएक पीछे हट गया था। थोड़ी देर बाद लाइट कटने और करंट महसूस नहीं होने पर आर्यन को बाहर निकाला गया था। बेहोशी की हालत में पास में लिटाकर सीपीआर दिया गया था। उसके बाद जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने आर्यन को मृत घोषित कर दिया था।
