नोएडा में 159 नालों की सफाई अधूरी, बारिश में फिर डूब सकते हैं कई सेक्टर

News Desk
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नोएडा। मानसून में होने वाली वर्षा इस शहर को तरणताल बना सकती है। बीते दिनों पहली वर्षा ने यह स्थिति देखी। नोएडा प्राधिकरण में इस बार नालों के सफाई की व्यवस्था बदल देना इसकी वजह बनी। सफाई के टेंडर नहीं हुए।

वर्क सर्किल को इसकी जिम्मेदारी दी गई। वर्क सर्किल स्तर से नालों की सफाई के कार्यों की जिम्मेदारी एजेंसियों को दे दी गई। बदली व्यवस्था के बीच नालों की सफाई नहीं हो सकी है। नालों पर तैरती हुई गंदगी और सिल्ट निकालने का कार्य अभी भी जारी है।

नालों की सफाई 15 जून तक होनी चाहिए। इसके लिए 249 किमी लंबे 159 नालों की अप्रैल से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस बार इस व्यवस्था में बदलाव हुआ। नालों की सफाई के टेंडर नहीं हुए।

नालों की सफाई की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के 10 वर्क सर्किल को दी गई। वर्क सर्किल प्रभारियों ने अपने स्तर से ही सफाई कार्य आवंटित किए। इस पूरी प्रक्रिया में हुई देरी का असर बीते दिनों तीन दिन तक हुई वर्षा में देखा गया। नोएडा की अधिकांश सेक्टर और सड़क पानी में डृूब गईं। इस सबके बीच शहर के लोगों ने परेशानी उठाई।

दो डिवीजन में होता था आठ एजेंसियों का चयन

नोएडा के डिवीजन-1 में 80 और डिवीजन-2 में 79 नाले हैं। हर वर्ष इन दोनों डिवीजन के लिए आठ-आठ एजेंसियों का चयन किया जाता था। सभी नालों की सफाई का टेंडर 12 से 13 करोड़ रुपये में होता था और 15 जून तक नालों की सफाई करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाता था। नोएडा प्राधिकरण टेंडर न होने की वजह से नालों की सफाई में पिछल गया।

अतिक्रमण से नहीं हो रही पूरी सफाई

सेक्टर-64 में नाले की सफाई का कार्य चल रहा है। सेक्टर-71 के अंतिम छोर पर बुलडोजर और ट्रैक्टर के नाले तक पहुंचने के इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में यहां करीब 50 मीटर का हिस्सा बिना सफाई छूटेगा।

यही स्थिति वेदवन पार्क से सेक्टर-101 मेट्रो स्टेशन की ओर जाने वाले नाले की सफाई में देखी गई। यहां सोसायटियों के प्रवेश द्वार के रैंप बने हुए हैं। आगे चलने पर अतिक्रमण है। इस स्थिति में नाले के 300 मीटर अलग-अलग हिस्से से सिल्ट और गंदगी निकालने का कार्य नहीं हो सकेगा।

विधायक ने जताई थी नाराजगी

नालों की सफाई समय पर नहीं होने पर बीते दिनों नोएडा विधायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की फटकार लगाई थी। विधायक ने स्पष्ट किया था शहर में जलभराव होने पर प्राधिकरण की जिम्मेदारी होगी। बैठक में 15 जुलाई तक नालों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • 249 किमी है नोएडा में नालों की लंबाई
  • 159 है नोएडा में कुल नालों की संख्या
  • 15 जून तक होना था नालों की सफाई का कार्य
  • 15 जुलाई अब निर्धारित की गई है तिथि

विभिन्न वर्क सर्किल से नालों की सफाई का कार्य दिया गया है। सितंबर-अक्टूबर तक नियमित तौर पर सफाई कार्य चलेगा। इसके बाद भी सफाई कर रही एजेंसियों को भुगतान होगा। अधिकांश और बडे नालों से सफाई का कार्य कर लिया गया है।

– कृष्णा करुणेश, सीईओ नोएडा प्राधिकरण

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