दिल्ली में बाल अधिकारों की रक्षा को नई दिशा, डीसीपीसीआर की नई टीम ने संभाली कमान

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्‍ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की नई टीम ने अपना कार्यभार संभाला और बच्‍चों की सुरक्षा को सर्वोच्‍च प्राथमिकता बताया. नवनियुक्त अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास और सदस्य स्वाति गुप्ता , राहुल गौतम, कुंदन कंसकार और मोनिका शर्मा ने कार्यभार संभालते ही बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और समग्र विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.

पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आयोग का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां हर बच्चा सुरक्षित महसूस करे और अभिभावकों का भी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो. वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी आयोग को पूरा सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है.

अध्यक्ष ओम प्रकाश व्यास ने कहा कि आयोग का पहला लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली का प्रत्येक बच्चा सुरक्षित रहे. यदि कोई बच्चा किसी अपराध, शोषण या विपरीत परिस्थिति का शिकार होता है तो उसे यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी मदद और संरक्षण के लिए पूरा तंत्र मौजूद है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई पहली बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई और उसी के बाद सभी चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों (सीडब्ल्यूसी) को स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने का लक्ष्य दिया गया है.

शुरुआत में 20 स्कूलों में पॉक्सो अधिनियम और बाल सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. व्यास ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए पुलिस, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. उनका कहना था कि आयोग अलग-थलग काम करने के बजाय सभी हितधारकों के साथ मिलकर समर्पित दृष्टिकोण से कार्य करेगा, ताकि बाल अधिकारों से जुड़े मामलों का प्रभावी समाधान हो सके.

साइबर अपराध और सोशल मीडिया को लेकर जताई चिंता

साइबर अपराध और सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभाव पर चिंता जताते हुए व्यास ने कहा कि कई मामलों में बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराधियों के संपर्क में आ जाते हैं. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और जिम्मेदार पेरेंटिंग को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए केवल सरकार नहीं, बल्कि परिवार, समाज और नागरिक संगठनों की भी समान भागीदारी आवश्यक है. डीसीपीसीआर की सदस्य स्वाति गुप्ता ने कहा कि आयोग बाल श्रम, लापता बच्चों, पॉक्सो मामलों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रियता से कार्य करेगा.

उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार के अत्याचार को रोकना और पीड़ित बच्चों को समय पर न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी. साथ ही शिक्षा के अधिकार के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार काम कर रही है.

उन्होंने बताया कि ‘बाल संरक्षण माह’ के तहत सभी संबंधित विभागों को पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यालयों में बाल संरक्षण समितियों के गठन, व्यापक जन-जागरूकता अभियान और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि डीसीपीसीआर की नई टीम इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाते हुए दिल्ली को बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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