दिल्ली में पटवारी बनना हुआ आसान: LG तरनजीत सिंह संधू ने दी भर्ती नियमों में संशोधन को मंजूरी, कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता खत्म

News Desk
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के राजस्व विभाग में वर्षों से खाली पड़े पटवारियों के पदों को भरने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भर्ती नियमों में संशोधन को हरी झंडी दे दी है. इस फैसले के तहत अब पटवारी बनने के लिए कंप्यूटर डिप्लोमा की पुरानी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 से बढ़ाकर किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक कर दी गई है

दिल्ली में राजस्व विभाग के पुनर्गठन और नए जिलों के गठन के बाद पटवारियों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या 218 से बढ़ाकर 230 कर दी गई है. हालांकि, चिंताजनक बात यह है कि वर्तमान में 230 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 60 पटवारी ही कार्यरत हैं. इस भारी कमी के कारण राजस्व विभाग से जुड़े जनहित के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे.

जानिए क्यों पड़ी नियमों में बदलाव की जरूरत?

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित पिछली भर्ती प्रक्रिया के दौरान शैक्षणिक योग्यता के कड़े और अव्यावहारिक नियमों के कारण एक भी अभ्यर्थी अंतिम रूप से चयन के मानदंडों को पूरा नहीं कर सका था. पुराने नियमों के तहत उम्मीदवार का 10+2 (गणित विषय के साथ) पास होने के साथ-साथ किसी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्ष का कंप्यूटर डिप्लोमा होना अनिवार्य था. इस एक साल के डिप्लोमा की शर्त के कारण अधिकतर योग्य अभ्यर्थी बाहर हो गए थे. इस स्थिति से निपटने के लिए एलजी ने भर्ती प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता हटा दी है. अब चयनित उम्मीदवारों को विभाग द्वारा ही तीन महीने का कंप्यूटर, सर्वे और मैपिंग प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.

दिल्ली में पटवारियों की भारी कमी के कारण भूमि रिकॉर्ड, सीमांकन और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. उपराज्यपाल द्वारा भर्ती नियमों में किए गए इस संशोधन के बाद अब DSSSB के माध्यम से जल्द ही नए पदों पर पारदर्शी और त्वरित भर्ती का मार्ग प्रशस्त हो गया है. राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के सरल होने से इस बार पर्याप्त संख्या में योग्य उम्मीदवार उपलब्ध होंगे, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी आएगी.

भर्ती नियमों में किए गए प्रमुख संशोधन

  • शैक्षणिक योग्यता: अब किसी भी संकाय में स्नातक की डिग्री अनिवार्य होगी.
  • कंप्यूटर डिप्लोमा से राहत: एक वर्ष के कंप्यूटर डिप्लोमा की बाध्यता खत्म; विभाग स्वयं 3 माह का प्रशिक्षण देगा.
  • प्रतिनियुक्ति का विकल्प: पहले 100 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाते थे, लेकिन अब प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी पदों को भरा जा सकेगा. केंद्र, राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों के समकक्ष अधिकारी आवेदन कर सकेंगे.
  • आयु सीमा में छूट: विभागीय उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा को 27 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष कर दिया गया है.
  • पदों में बढ़ोतरी: नए जिलों के सृजन के बाद पटवारियों के पदों की संख्या बढ़कर 230 हुई.
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