गाजियाबाद- दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर स्थित गाजियाबाद स्टेशन को केवल ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि एक आधुनिक कमर्शियल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। स्टेशन परिसर में रूफटॉप रेस्तरां, फूड आउटलेट्स और अन्य यात्री सुविधाओं के विकास का काम शुरू कर दिया गया है।
एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) ने स्टेशन के प्रॉपर्टी डेवलपमेंट क्षेत्र को व्यावसायिक उपयोग में लाने के लिए लाइसेंस आधार पर देने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत निजी कंपनियों और डेवलपर्स से निविदाएं मांगी गई हैं।
यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी मिलेगा फायदा
इस योजना के तहत स्टेशन परिसर में करीब 18,778 वर्गमीटर क्षेत्र को तय लाइसेंस शुल्क पर आवंटित किया जाएगा। यहां शॉपिंग, खानपान और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे न सिर्फ नमो भारत ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
अलग-अलग स्तरों पर विकसित होंगे कमर्शियल स्पेस
योजना के अनुसार, स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर पर लगभग 4,229 वर्गमीटर क्षेत्र में दुकानें और आउटलेट्स विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा अपर लेवल-1 और लेवल-2 पर करीब 11,914 वर्गमीटर क्षेत्र को कमर्शियल गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। वहीं कोर-ए फ्लोर्स पर लगभग 2,435 वर्गमीटर क्षेत्र भी व्यावसायिक विकास के दायरे में शामिल किया गया है।
ट्रांसपोर्ट के साथ लाइफस्टाइल का संगम
एनसीआरटीसी का उद्देश्य है कि नमो भारत स्टेशन केवल यात्रा का माध्यम न रहकर एक ऐसा केंद्र बने, जहां यात्री और आम नागरिक दोनों खरीदारी, भोजन और अन्य सुविधाओं का लाभ एक ही जगह उठा सकें। आने वाले समय में यह स्टेशन गाजियाबाद में शहरी लाइफस्टाइल का नया आकर्षण केंद्र बन सकता है।

