गाजियाबाद। मानसून के दौरान प्राधिकरण ने मधुबन बापूधाम के लोगों को हरियाली की सौगात देने की तैयारी की है। करीब 25 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पंचवटी वाटिका विकसित की जाएगी।
भारतीय संस्कृति और इतिहास की दिखेगी झलक
इस परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ ही लोगों को भारतीय संस्कृति और इतिहास की भी झलक देखने को मिलेगी। मधुबन बापूधाम में रामायण काल की पंचवटी वाटिका की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसमें बरगद, पीपल, अशोक, नीम जैसे पारंपरिक वृक्षों के साथ-साथ औषधीय और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे।
पार्क को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि यहां आने वाले लोग प्राकृतिक वातावरण के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से भी जुड़ सकें। जीडीए अधिकारियों के अनुसार पंचवटी वाटिका में लगाए जाने वाले पौधों से पर्यावरण संतुलन के साथ ही इसे योग-ध्यान के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा, ताकि लोग यहां शांति और स्वास्थ्य लाभ ले सकें।
मानसून का लाभ उठाते हुए पौधरोपण का कार्य तेजी से कराया जाएगा, जिससे पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि इस वाटिका को विकसित करने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है।
इसमें पत्थरों और स्ट्रक्चरों के माध्यम से अलग-अलग तरह के संदेश भी दिए जाएंगे। वाटिका में हर आयु वर्ग के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास रखने की योजना है।

