नई दिल्ली- देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो बीते कई दिनों से गंभीर परिचालन अव्यवस्था का सामना कर रही है। रोजाना हजारों उड़ानें संभालने वाली यह कंपनी लगातार देरी और कैंसिलेशन की वजह से यात्रियों की नाराज़गी के घेरे में है। बाजार में इसकी स्थिति पर भी असर पड़ा है और शेयर मार्केट में कंपनी का मूल्य हजारों करोड़ रुपये कम हो चुका है। संकट का नौवां दिन होने के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और चुनौतीपूर्ण दिख रहे हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मिल रही तस्वीरों में साफ दिखाई देता है कि भारी संख्या में यात्री घंटों से इंतजार करते नज़र आ रहे हैं। कई लोग अचानक शेड्यूल बदलने, उड़ान रद्द होने और लगातार बढ़ती देरी से परेशान हैं। यात्रियों का कहना है कि न तो एयरलाइन की ओर से स्पष्ट सूचनाएं मिल रही हैं और न ही भोजन–पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था है।
अहमदाबाद का सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी इंडिगो की उड़ानें प्रभावित होने से लंबी कतारें दिख रही हैं। फंसे हुए यात्रियों ने बताया कि एयरलाइन से अपडेट हासिल करना मुश्किल हो रहा है और ग्राउंड स्टाफ भी पर्याप्त जानकारी नहीं दे पा रहा।
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट पर भी स्थिति लगभग ऐसी ही है। कई परिवारों ने कहा कि न सिर्फ उड़ानें देर से चल रही हैं, बल्कि टिकट रीशेड्यूल कराने और रिफंड में भी दिक्कतें आ रही हैं। ऑफिस जाने वाले यात्री भी लंबी देरी से परेशान हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर इंडिगो के खिलाफ शिकायतों की बाढ़ आ गई है। लोग बार-बार मांग कर रहे हैं कि एयरलाइन स्पष्ट जानकारी दे और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे।
इधर, डीजीसीए ने एयरलाइन की संचालन क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नियामक के अनुसार, इंडिगो पायलटों की तैनाती, प्रशिक्षण और एफडीटीएल नियमों के अनुरूप ड्यूटी रॉस्टर तैयार करने में विफल रही। कई बार दी गई चेतावनियों के बावजूद एयरलाइन समय पर पर्याप्त तैयारी नहीं कर सकी, जिसका परिणाम नवंबर 2025 के अंत से शुरू हुई व्यापक देरी और बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन के रूप में सामने आया। अब यह अव्यवस्था एक भारी परिचालन संकट में बदल चुकी है।

