पूर्वी दिल्ली। मौजपुर स्थित प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के छात्र के साथ हैवानियत करने वाली शिक्षिका, प्रधानाचार्य व निदेशक की गिरफ्तारी न होने पर अभिभावक गुस्से में है।
स्कूल में कुर्सी से बांधकर पिटाई किए जाने के बाद से छात्र इस हद तक डरा हुआ है कि वह किसी कुर्सी पर बैठने को तैयार नहीं है। मंगलवार को बच्चे को उसके अभिभावक पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में काउंसलिंग के लिए लेकर गए।
वह किस हद तक खौफ में है इससे पता चलता है कि वह मनोचिकित्सक के सामने कुर्सी पर बैठा ही नहीं। मजबूरी में बिना काउंसलिंग के बच्चे को स्वजन को घर लाना पड़ा। पिता ने कहा कि चाहे कुछ भी हो वह अपने बच्चे को इंसाफ दिलाने से पीछे नहीं हटेंगे।
बच्चे के पिता ने कहा कि पुलिस ने स्कूल की आया को गिरफ्तारी करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। स्कूल की जो फुटेज है उसमें स्कूल की शिक्षिका सिमरन बच्चे को थप्पड़ मारते हुए व कुर्सी से उसे बांधकर पीटते हुए दिख रही है।
इतना ही नहीं बच्चे को कई बार लात मारकर कुर्सी से गिराया भी है। सवाल उठाया कि बच्चे के साथ स्कूल में इतनी हैवानियत हो रही थी और प्रधानाचार्य नीलम व निदेशक सुनीता चुप्पी साधे रही। दोनों के पास स्कूल के अंदर के सीसीटीवी कैमरे का एक्सेस था, उन्होंने यह सब देखा होगा।
इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। तीन माह से उनके बच्चे को पीटा जा रहा था और पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। पिता ने कहा कि आया सबसे कमजोर वर्ग से थी, इसलिए उसे गिरफ्तार करके यह दिखाया कि दोषी को सजा दे दी।
बच्चे को अवसाद से निकालने के लिए घुमाने ले जा रहे अभिभावक
स्वजन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज 1500 रुपये देकर देखी नहीं जाती तो पता ही नहीं चलता बच्चा अवसाद में क्यों है। बच्चा ठीक से बोल नहीं सकता। उसके बचपन को स्कूल की शिक्षिका, प्रधानाचार्य व निदेशक ने खत्म कर दिया। जो कुछ स्कूल में उसके साथ होता था वह उसकाे लेकर सदमे में हैं।
परिवार को कोशिश कर रहा है बच्चा उन चीजों को भूले, इसलिए वह बच्चे लेकर आसपास घुमाने भी लेकर जा रहे हैं। घर व बाहर जहां भी बच्चा कुर्सी देखता है वह रोने लगता है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपितों की तलाश में पुलिस की छापेमारी चल रही है।
बता दें सीएम के निर्देश पर सोमवार को जिला प्रशासन ने स्कूल को सील कर दिया था।
