नई दिल्ली- आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर यात्री से कथित बदसलूकी के मामले में निलंबित पायलट वीरेंद्र सेजवाल को दिल्ली पुलिस ने औपचारिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया, जिसके बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज किया गया मामला जमानती प्रकृति का था, इसलिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद रिहाई दी गई।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान आरोपी पायलट को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में जमानत दे दी गई।
यह मामला 19 दिसंबर का है, जब यात्री अंकित दीवान ने आरोप लगाया था कि टर्मिनल-1 पर उनसे मारपीट की गई। बताया गया कि घटना के समय आरोपी पायलट ड्यूटी पर नहीं थे और निजी यात्रा के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे।
घटना सामने आते ही एअर इंडिया एक्सप्रेस ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया था। एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। पायलट को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
एयरलाइन प्रबंधन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का फैसला किया है, जो पूरे मामले की समीक्षा करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही, कंपनी ने पीड़ित यात्री से संपर्क कर सहयोग का भरोसा भी दिया है।
उधर, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पायलट को तत्काल ग्राउंड करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने बीसीएएस और सीआईएसएफ से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

