साहिबाबाद (गाजियाबाद)। जिले में विद्युत निगम की अपनी ही लापरवाही से बीते करीब दो माह में 25 से 630केवीए (किलोवाट एंपीयर) के करीब 70 ट्रांसफार्मर फुंंक गए।
इससे एक तरफ पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को करीब 4.50 करोड़ रुपये राख हो गए, दूसरी ओर जिले के लाखों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में रात-दिन बिजली कटौती का संकट झेलना पड़ा। अगर समय रहते इन ट्रांसफार्मरों की ओवरलोडिंग की समस्या को दूर कर लिया जाता तो करोड़ों का नुकसान नहीं होता।
समय रहते पूरे नहीं हुए काम
विद्युत निगम के जोन-एक (शहर), जोन-दो (लोनी, मुरादनगर व मोदीनगर) और जोन-तीन (ट्रांस हिंडन) में वर्तमान में करीब 12 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को गर्मी में बेहतर बिजली मिल सके, आपूर्ति सुधार के लिए मार्च तक सभी जरूरी कार्य करने होते हैं, लेकिन जिले में समय रहते कार्य पूरे नहीं हो सके। इससे सबसे बड़ी समस्या ट्रांसफार्मर और फीडर ओवरलोड की बनी हुई है।
ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। मई में 34 और जून में करीब 26 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। अगर समय रहते ओवरलोड की समस्या को दूर कर लिया जाता तो ये स्थिति नहीं बनती है।
ओवरलोडिंग की समस्या के कारण हर वर्ष करोड़ों का नुकसान होता है और लोगों को रात-दिन बिजली कटौती के संकट से जूझना पड़ता। विद्युत निगम उपभोक्ताओं का वितरण सही अनुपात में नहीं कर पाता। किसी ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक तो किसी बार क्षमता के सापेक्ष आधा लोड भी नहीं है।
इन इलाकों में सबसे अधिक ट्रांसफार्मर फुंके
टीला मोड, कनानवी, भोपुरा, लोनी, विजयनगर, प्रताप विहार, नंदग्राम, लोहियानगर, पटेल नगर आदि इलाकों में सबसे अधिक ट्रांसफार्मर फुंके। कनावनी में बीते दिनों 630केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसकी कीमत करीब नौ लाख रुपये थी। इन क्षेत्रों में सबसे अधिक 100 से 400केवीए के बीच क्षमता वाले ट्रांसफार्मर फुंके हैं।
ट्रांसफार्मरों की क्षमता और अनुमानित कीमत
| क्षमता (Capacity) | अनुमानित कीमत (Price) |
|---|---|
| 25 केवीए (KVA) | ₹86 हजार |
| 63 केवीए (KVA) | ₹1.70 लाख |
| 100 केवीए (KVA) | ₹2.0 से 2.50 लाख |
| 250 केवीए (KVA) | ₹5.50 से 6.50 लाख |
| 400 केवीए (KVA) | ₹8.00 से 9.50 लाख |
| 630 केवीए (KVA) | ₹13.00 से 14.00 लाख |
बीते पांच वर्षों में गर्मियों के दौरान खराब/फुंके ट्रांसफार्मर
| वर्ष (Year) | फुंके ट्रांसफार्मर की संख्या |
|---|---|
| 2025 | 56 |
| 2024 | 86 |
| 2023 | 63 |
| 2022 | 61 |
| 2021 | 42 |
ट्रांसफार्मरों की ओवरलोडिंग की समस्या को दूर किया जा रहा है। जिन ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड है उन पर विकल्प के रूप में ट्राली ट्रांसफार्मर लगाकर लोड कम किया जाता है।
–
अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम।

