ग्रेटर नोएडा। चार प्रतिशत अतिरिक्त विकसित आबादी भूखंड की मांग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हो रहे भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर क्षेत्र के किसान आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी बात रखने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से पैदल कूच करेंगे।
सिरसा गांव निवासी किसान चौधरी प्रकाश प्रधान ने बताया कि अधिकतर गांवों के किसान पैदल लखनऊ जाएंगे। ग्रेटर प्राधिकरण ने किसानों के साथ अन्याय व धोखा किया है। प्राधिकरण ने कोर्ट जा रहे किसानों को यह आश्वासन देकर कोर्ट जाने के मना कर दिया कि किसानों को 64.7 प्रतिशत मुआवजा और 10 प्रतिशत भूखंड भी देंगे, जिससे क्षेत्र का विकास होगा।
प्राधिकरण ने कुछ चंद किसानों के पक्ष में 50 हजार वर्ग मीटर तक लीज पर जमीन छोड़ दी और अब प्राधिकरण के अधिकारी कह रहे हैं कि उनके पास किसानों को भूखंड देने के लिए जमीन नहीं है। प्राधिकरण का कहना है कि उन्हीं किसान को भूखंड दे रहे हैं, जो कोर्ट गए थे, जबकि प्राधिकरण ने उन किसानों को भी भूखंड दे दिए जो कोर्ट ही नहीं गए थे।
18 वर्ष बीतने के बाद भी कई किसान चार प्रतिशत आबादी भूखंड से वंचित हैं। कुछ किसानों ने मजबूरी में अपने भूखंड बेच दिए, वही भूखंड प्राधिकरण ने आवंटित कर दिए।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 91वीं, 104वीं और 133वीं बोर्ड बैठक में किसानों को चार प्रतिशत आबादी भूखंड के प्रस्ताव को पास कर शासन को संस्तुति के लिए भेजा था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन भी पीड़ित किसानों के प्रति भी गंभीर नहीं हैं। इसी कारण किसान अब अपनी आवाज उठाने के लिए पैदल ही लखनऊ कूच करेंगे।

