ग्रेटर नोएडा। पुलिस अवैध असलहा के साथ बदमाश गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद असलहा विक्रेता को भूल जाती है। इसी लिए अवैध असलहा बनाने के कारोबार पर पूर्ण विराम नहीं लग पा रहा है। जबकि जिले की हर कोतवाली से औसतन हर माह दो से तीन बदमाश अवैध असलहा समेत गिरफ्तार कर जेल भेजे जा रहे हैं।
जारचा कोतवाली पुलिस ने चार दिन पहले दादूपुर निवासी प्रियांश को अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ पकड़ कर जेल भेजा था। अभी ने यह नहीं बताया कि आरोपित ने पिस्टल किसके पास से खरीदा था। इसी तरह सेक्टर 126 कोतवाली पुलिस ने 21 जून को बिहार के मोतिहारी निवासी बदमाश आशीष को 315 बोर के अवैध तमंचा व कारतूस समेत गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
लगभग हर कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा प्रत्येक माह इसी तरह के एक से दो बदमाशों को अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार करने की कार्रवाई का प्रेसनोट जारी किया जाता है। लेकिन यह नहीं बताया जाता है कि बदमाश ने किस स्थान से किस व्यक्ति से अवैध असलहा खरीदा था। यानी असलहा फैक्ट्री कहां चल रही है, चलाने वाला कौन है और सप्लायर की पहचान क्या है। यानी अवैध असलहा बनाने वाले कार्रवाई से लगातार बच रहे हैं।
इसी के चलते बदमाश आसानी से असलहा हासिल कर आपराधिक वारदात में इनका उपयोग करते हैं। डीसीपी ग्रेटर नोएडा डा. रवि शंकर निम का कहना है कि पुलिस द्वारा समय-समय पर अवैध असलहा फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया जाता रहता है। अब जिन बदमाशों के पास से असलहा बरामद किया जाएगा। उनके माध्यम से विक्रेता का पता लगाकर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

