गाजियाबाद। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जाने वाली एक लाख रुपये की सब्सिडी का इंतजार अब दो साल तक पहुंच गया है। अगस्त 2024 में इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले जिले के पांच उपभोक्ताओं को जुलाई 2026 तक भी सब्सिडी नहीं मिल सकी है। इसकी प्रमुख वजह सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया में हुआ बदलाव माना जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पहले इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी का भुगतान शासन स्तर से किया जाता था। वर्ष 2025 में व्यवस्था बदलने के बाद इसका सत्यापन और भुगतान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) स्तर से किया जाने लगा। प्रक्रिया में बदलाव के दौरान पहले से लंबित कुछ आवेदनों का निस्तारण नहीं हो सका, जिससे पांच वाहन स्वामियों की सब्सिडी अब तक अटकी हुई है।
सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया में हुआ था बदलाव
वाहन स्वामियों का कहना है कि उन्होंने वाहन खरीदने के बाद समय से सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन प्रक्रिया बदलने के कारण उनके आवेदन एक स्तर से दूसरे स्तर पर लंबित रह गए। कई बार संबंधित कार्यालयों और शासन स्तर पर संपर्क करने के बावजूद सब्सिडी का वितरण नहीं हुआ है। उनका कहना है कि लंबित आवेदनों का विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को उनका प्रोत्साहन मिल सके।
एआरटीओ (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया में बदलाव हुआ था, जिसके कारण कुछ पुराने मामले लंबित रह गए। ऐसे सभी मामलों का विवरण शासन को भेजा जा चुका है। शासन स्तर से जैसे ही आवश्यक दिशा-निर्देश या स्वीकृति प्राप्त होगी, नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर पात्र वाहन स्वामियों को सब्सिडी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

