दिल्ली की बेटियां बनेंगी टेक्नोलॉजी की लीडर, IGDTUW में नए लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन

News Desk
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नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) में आयोजित ‘प्रबोधन’ इंडक्शन प्रोग्राम-2026 की वैलिडिक्टरी सेरेमनी में शामिल हुए. इस दौरान यूनिवर्सिटी के स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स का भी उद्घाटन किया गया. आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह कॉम्प्लेक्स छात्राओं को टीचिंग, इंटरैक्शन और नॉलेज एक्सचेंज के लिए आधुनिक अकादमिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी उपस्थित रहे.

प्रबोधन का अर्थ जागरण है और इसी भावना के अनुरूप आयोजित यह इंडक्शन प्रोग्राम नए स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी के अकादमिक एनवायरनमेंट, इंस्टीट्यूशनल कल्चर और उपलब्ध अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया. कार्यक्रम में अकादमिक एक्सीलेंस के साथ-साथ इनोवेशन, लीडरशिप, प्रोफेशनल डेवलपमेंट और रिस्पॉन्सिबल सिटिजनशिप पर भी विशेष जोर दिया गया.

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में बेटियों के लिए बढ़ रहे अवसर

दिल्ली में बेटियों को आधुनिक टेक्निकल एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसी दिशा में आईजीडीटीयूडब्ल्यू में रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के अवसरों का विस्तार हुआ है. ड्रोन टेक्नोलॉजी और सर्विलांस जैसे उभरते क्षेत्रों में छात्राओं एवं महिला पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए नेत्र-नारी-नेतृत्व जैसी पहल भी आगे बढ़ाई गई है. इसके तहत दिल्ली पुलिस के लिए 75 सर्विलांस ड्रोन विकसित एवं प्रदर्शित किए गए.

बेटियों की प्रतिभा को मिल रहे बड़े अवसर

टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती क्षमता का असर उनके प्लेसमेंट में भी दिखाई दे रहा है. हालिया प्लेसमेंट सीजन में आईजीडीटियूडबल्यू की छात्राओं को 1,000 से अधिक प्लेसमेंट ऑफर्स मिले, जबकि एक करोड़ रुपये का हाईएस्ट पैकेज दर्ज किया गया. यह उपलब्धियां दिल्ली की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप उनकी तैयारी को दर्शाती हैं. कार्यक्रम के दौरान आईजीडीटीयूडब्ल्यू टाइम्स बुकलेट का विमोचन किया गया. इसमें विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों, छात्र गतिविधियों, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी प्रमुख पहलों को संकलित किया गया है. साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं और बेस्ट वाइस चांसलर इंटर्न्स को भी सम्मानित किया गया.

उपराज्यपाल ने छात्राओं को किया प्रेरित

एलजी तरनजीत सिंह संधू ने छात्राओं को क्वॉलिटी टेक्निकल एजुकेशन प्राप्त करने और भविष्य में इनोवेटर एवं लीडर के रूप में उभरने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को टेक्निकल एजुकेशन के माध्यम से सशक्त बनाना न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नेशनल डेवलपमेंट और लीडरशिप में महिलाओं की भागीदारी को भी मजबूत करता है.

उपराज्यपाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे केवल भविष्य की नौकरियों के लिए तैयारी नहीं कर रही हैं, बल्कि भविष्य के भारत को आकार देने की तैयारी कर रही हैं. उनकी पीढ़ी के पास ऐसी तकनीकों को विकसित करने और आकार देने का अवसर है, जो स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, विनिर्माण, शासन और दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला सकती हैं. इसलिए उनकी जिम्मेदारी केवल तकनीक के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें टेक्नोलॉजी की क्रिएटर और इनोवेटर बनकर देश के भविष्य को नई दिशा देनी है.

टेक्नोलॉजी, नॉलेज और एक्सपीरियंस का कोई जेंडर नहीं होता

वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज बेटियां इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, स्पेस और डिफेंस सहित हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं. छात्राओं को केवल मौजूदा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि एआई और नई तकनीकों की बिल्डर बनकर भविष्य के समाधान तैयार करने चाहिए. उन्होंने छात्राओं से क्यूरियोसिटी, करेज और कैरेक्टर को अपनी ताकत बनाने तथा केवल जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनने का आह्वान किया.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि राजधानी की हर बेटी को क्वॉलिटी एजुकेशन, मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए समान अवसर उपलब्ध हों. उन्होंने कहा कि विकसित दिल्ली और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक होगी. टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, रिसर्च और उद्यमशीलता जैसे उभरते क्षेत्रों में बेटियों की बढ़ती भागीदारी देश की युवा शक्ति को नई दिशा दे रही है.

टेक्नोलॉजी, स्किल्स और प्रैक्टिकल लर्निंग भविष्य की जरूरत

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने विद्यार्थियों के भविष्य के लिए टेक्नोलॉजी, स्किल्स, इनोवेशन और प्रैक्टिकल लर्निंग के बढ़ते महत्व पर जोर दिया. उन्होंने आईजीडीटियूडबल्यू द्वारा उभरते टेक्निकल क्षेत्रों में की जा रही पहलों की सराहना करते हुए कहा कि तेजी से बदलती इंडस्ट्री और सोसाइटी की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को तैयार करना समय की आवश्यकता है.

शिक्षा मंत्री ने छात्राओं द्वारा दिल्ली पुलिस के लिए विकसित सर्विलांस ड्रोन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकनीक को समाज की वास्तविक जरूरतों के समाधान में बदलने की क्षमता का उदाहरण है. उन्होंने छात्राओं से महिला सुरक्षा, हेल्थकेयर और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित करने का भी आह्वान किया. शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार लगभग 160 एकड़ में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में काम कर रही है. साथ ही, स्टूडेंट्स और युवा एंटरप्रेन्योर्स को सहयोग देने के लिए 400 करोड़ रुपये की स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन पॉलिसी को मंजूरी दी गई है.

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