
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल को एक नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस परियोजना के तहत टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और पार्क को संरक्षित करते हुए इन्हें एक आधुनिक ‘ग्लोबल हेरिटेज सेंटर’ के रूप में विकसित किया जाएगा.
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, मेयर प्रवेश वाही और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. यह ऐतिहासिक परिसर 1860 से 1866 के बीच निर्मित एक ग्रेड-I विरासत स्थल है, जो लंबे समय तक नगर निगम का मुख्यालय रहा था. लगभग 12,180 वर्गमीटर क्षेत्र में फैले इस परिसर का स्वामित्व एमसीडी के पास ही रहेगा, जबकि इसकी प्रारंभिक एमओयू अवधि 30 वर्ष तय की गई है जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है.
विरासत का संरक्षण और आधुनिक उपयोग
परियोजना का मुख्य उद्देश्य मूल स्थापत्य पहचान को सुरक्षित रखते हुए भवन का अनुकूली पुन: उपयोग (एडैप्टिव रीयूज) करना है. प्रस्तावित ग्लोबल हेरिटेज सेंटर में पर्यटकों के लिए संग्रहालय, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़ी विभिन्न अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे पुरानी दिल्ली आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को एक ही परिसर में दिल्ली के समृद्ध इतिहास और संस्कृति का अनूठा अनुभव प्राप्त होगा.
परियोजना की रूपरेखा और समीक्षा
एमओयू के प्रावधानों के अनुसार, डीटीटीडीसी को इस परियोजना के लिए क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करने,भवन का स्ट्रक्चरल असेसमेंट करने, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसके बाद इस पूरी परियोजना को सार्वजनिक निवेश या पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा. कार्य में पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए डीटीटीडीसी और नगर निगम के अधिकारियों का एक संयुक्त कार्य समूह भी गठित किया गया है, जो नियमित रूप से समीक्षा करेगा. इसके अतिरिक्त, टाउन हॉल से जुड़े सभी ऐतिहासिक रिकॉर्ड, कलाकृतियां और अभिलेखीय सामग्री सुरक्षित रूप से नगर निगम के पास ही रहेंगी.
पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है. वहीं, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने विश्वास जताया कि इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण से दिल्ली में ‘विरासत पर्यटन’ को एक नया आयाम मिलेगा और यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा.
