
ग्रेटर नोएडा: RERA की बकाया राशि की वसूली के लिए गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। करीब 77.66 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा नहीं करने के मामले में अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड के निदेशक बंटी को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित कंपनी को भुगतान के लिए कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
77.66 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली लंबित
जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, तहसील दादरी में RERA की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्र के आधार पर मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड और उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनसे कुल 77,66,80,434 रुपये के साथ ब्याज की राशि भू-राजस्व बकाये के रूप में वसूल की जानी है।
बकाया राशि जमा कराने के लिए संबंधित फर्म को नियमानुसार मांग-पत्र जारी कर वैध रूप से तामील कराया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया।
राजस्व संहिता के तहत जारी हुआ गिरफ्तारी आदेश
प्रशासन के अनुसार, बकाया राशि जमा नहीं होने पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 171 और राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया। इसके लिए आरसी प्रपत्र-37 का इस्तेमाल किया गया।
इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बंटी पुत्र प्रहलाद को गिरफ्तार कर उपजिलाधिकारी दादरी के समक्ष पेश किया। बंटी मैसर्स अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड और उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के निदेशक बताए गए हैं।
बकाया चुकाने और जमानत देने का मिला मौका
उपजिलाधिकारी के समक्ष पेश किए जाने के बाद बंटी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। प्रशासन के मुताबिक, उन्हें बकाया राशि जमा करने या पर्याप्त जमानत अथवा प्रतिभूति प्रस्तुत करने का मौका भी दिया गया था।
हालांकि, उन्होंने न तो बकाया राशि जमा की और न ही पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत की। इसके बाद उन्हें अधिकतम 15 दिन के लिए हिरासत में रखने के बाद जिला कारागार गौतमबुद्ध नगर भेज दिया गया।
बकायेदारों के खिलाफ आगे भी होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन के अनुसार, बकाया राजस्व की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवसर दिए जाने के बाद भी भुगतान नहीं करने वाले बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जरूरत पड़ने पर कुर्की, नीलामी और गिरफ्तारी जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। बकाया राशि की वसूली के लिए अन्य बकायेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।
