नई दिल्ली। 4300 किग्रा से ज्यादा की कोडीन-बेस्ड कफ सीरप गैर-कानूनी रूप से रखने के आरोप में राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने एक व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि साक्ष्य आरोपित व्यक्ति विपिन चावला के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा करते हैं और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
गैर-कानूनी तरीके से खपाया
कोर्ट ने कहा कि बिना लाइसेंस के दवाएं रखी गई थीं और छापे के दौरान दुकान खोलने के लिए चाबियां खुद आरोपित ने ही दी थीं। कोर्ट ने कहा कि हालांकि आरोपित को शुरू में 48,818 बोतलें सप्लाई की गई थीं, लेकिन सिर्फ 36,238 बोतलें ही बरामद हुईं। बाकी 12,580 बोतलों की बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और शायद इसे बाजार में गैर-कानूनी तरीके से खपा दिया गया।
कोर्ट ने कहा कि बरामदगी की मात्रा एनडीपीएस एक्ट के तहत तय व्यावसायिक मात्रा से कहीं अधिक है। फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चलता है कि विवादित इनवाइस पर चावला के हस्ताक्षर थे, जो उसे प्रतिबंधित सामान की खरीद से जोड़ते हैं।
दुकान पर छापा मारा
कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में आरोपित की तरफ से दी गई दलीलें अभियोजन पक्ष के मामले को पूरी तरह से गलत साबित करने में नाकाम रहीं। अभियोजन पक्ष ने कहा कि पुलिस की स्पेशल सेल ने 16 जून, 2023 को आजादपुर में एक दुकान पर छापा मारा और यहां पर कफ सीरप की 36,238 बोतल वाले 302 बाक्स बरामद किए गए।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि जब्त साइकोट्रोपिक पदार्थ का कुल वजन लगभग 4312 किग्रा था, जो सरकार द्वारा कोडीन के लिए तय की गई एक किग्रा की व्यावसायिक मात्रा की सीमा से कहीं अधिक था।

