गाजियाबाद में बिजली चोरी का बड़ा खेल, जुलाई में 59 करोड़ की बिजली गायब

News Desk
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साहिबाबाद (गाजियाबाद)। विद्युत निगम बिजली चोरी रोकने के तमाम दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। बिजली चोरी पर रोक लगने का नाम नहीं ले रही है।

बीते माह जुलाई में जिले में करीब 59 करोड़ की बिजली चोरी हो गई। यानी बिजली चोरों ने रोजाना करीब दो करोड़ की बिजली चोरी कर ली। हर माह जिले में करीब 60 से 70 करोड़ की बिजली चोरी हो जाती है।

बीते माह जिले के जोन-एक (शहर), जोन-दो (लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर) और जोन-तीन (ट्रांस हिंडन) में कुल 405 करोड़ की बिजली खपत हुई, लेकिन निगम के पास महज 346 करोड़ का ही हिसाब है। बाकी बिजली का कोई हिसाब नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा चोरी

सबसे अधिक चोरी ग्रामीण क्षेत्र में हो रही है। इसमें मोदीनगर, मुदानगर और लोनी के इलाके शामिल हैं। विद्युत निगम ने 355 को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा है। इनमें से 287 ऐसे थे, जिन्होंने निगम से कनेक्शन ले रखा था।

फिर भी मीटर से बिजली का उपयोग करने के बजाय केबल में कट लगाकर या फिर कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। इन पर मुकदमा दर्ज कराते हुए 2.10 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। दरअसल, विद्युत निगम बिजली चोरी रोकने के लिए हर माह अभियान चलाकर छापेमारी की कार्रवाई करता है।

बीते माह निगम ने चोरों को विभिन्न तरीकों से बिजली चोरी करते हुए पकड़ा। सबसे ज्यादातर बिजली चोर ऐसे पकड़े गए जो एलटी लाइन से मीटर तक आने वाले केबल में कट लगाकर चोरी कर रहे थे।

मीटर का जो केबल घर के अंतर बिजली आपूर्ति के लिए ले जाया गया था उसे हटा देते थे। ये सिर्फ मीटर से उतनी बिजली का उपयोग करते थे, जिससे इनका थोड़ा बहुत बिल आ जाए और पकड़ में भी न आएं।

मीटर रीडरों को भी सतर्क रहने के आदेश

मीटर रीडर माह की सात से 22 तारीख तक बिजली बिल बनाने के लिए घर-घर जाते हैं। इसके बाद भी वह बिजली चोरी नहीं पकड़ पाते। कई बार मीटर रीडरों पर भी सवाल खड़े होते हैं। विद्युत निगम ने मीटर रीडरों को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। बिजली चोरी का शक होने पर संबंधित बिजलीघर को जानकारी देंगे।

27 हजार बिजली चोरों पर निगम का 170 करोड़ बकाया

जिले में विद्युत निगम का करीब 26 हजार 924 हजार बिजली चोरों पर 170 करोड़ रुपये जुर्माना का बकाया है। जुर्माना वसूलने के नाम पर विद्युत निगम केवल नोटिसों तक ही सिमट कर रह गया है।

हर माह नोटिस जारी करने के बाद भी ये जुर्माने की राशि जमा करने नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं, निगम के अधिकारियों का दावा है कि वसूली के लिए कर्मियों को घर-घर भेजा जा रहा है।

चोरी रोकने के लिए ये कार्य किए

-ट्रांसफार्मरों पर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (डीटी) मीटर लगाए गए।
-इससे ट्रांसफार्मर को मिलने वाली बिजली और खपत के अंतर पता किया जाता है।
-फीडर का लोड जानने के लिए रियल टाइम डाटा एक्विजिशन सिस्टम लगाए गए।
-नंगे तारों के स्थान पर एबी केबल डाले जा रहे।

बिजली चोरी रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिक चोरी वाले इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। जो भी चोरी करता पाया जाता है, उस पर जुर्माना लगाने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाता है।

बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-तीन।

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