नई दिल्ली: राजधानी में वायु प्रदूषण पर नकेल कसने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्र सरकार की ‘परिवर्तन’ (PARIVARTAN) योजना को दिल्ली में लागू करने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है.
इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और भारी प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों, बसों और अन्य व्यावसायिक वाहनों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 (BS-VI), उससे भी कड़े उत्सर्जन मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इससे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी और राजधानी का कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर पूरी तरह आधुनिक हो जाएगा.
जानिए क्या है ‘परिवर्तन’ योजना: ‘परिवर्तन’ का पूरा नाम ‘प्रोग्राम फॉर ऐक्सेलरैटिड रिनुअल एंड इनसेंटिवाइजेशन ऑफ व्हीकल ऐसेट्स फॉर रिड्यूसिंग ट्रांसपोर्ट एयर पलूशन एंड नेटवर्क एमिशन’ है. यह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी पहल है. दिल्ली सरकार द्वारा इस योजना को हरी झंडी मिलने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लगभग 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को इसका सीधा और बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. पूरी योजना का संचालन केंद्र सरकार द्वारा विकसित एक विशेष डिजिटल पोर्टल के जरिए किया जाएगा, जिससे आवेदन और लाभ की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आसान होगी.
हल्के मालवाहक वाहनों के लिए आकर्षक ऑफर:
योजना के तहत यदि कोई वाहन मालिक अपने बीएस-4 (BS-IV) या उससे पुराने हल्के मालवाहक वाहन (LGV) को स्क्रैप कराकर नया इलेक्ट्रिक एलजीवी खरीदता है, तो सरकार की ओर से भारी छूट दी जाएगी. पहला टैक्स में छूट, 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत रोड टैक्स में छूट और 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस माफ हो जाएगा. दूसरा वित्तीय लाभ वाहन ऋण पर ब्याज में 5 प्रतिशत की सब्सिडी (सबवेंशन) और वाहन निर्माता की तरफ से 8 प्रतिशत की सीधी छूट. ईंधन वाउचर या उसके रियायती मूल्य के बराबर एकमुश्त नकद लाभ. वहीं, यदि नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बजाय कोई पुराना इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा जाता है, तो लाभार्थी को 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट, 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और ईंधन वाउचर के बराबर एकमुश्त लाभ दिया जाएगा. खास बात यह है कि दिल्ली में इस योजना के तहत खरीदे जाने वाले सभी नए एलजीवी केवल इलेक्ट्रिक ही होंगे.
मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के लिए राहत
बीएस-4 या उससे नीचे के मध्यम (MGV) और भारी मालवाहक वाहनों (HGV) को भी इस योजना के दायरे में रखा गया है. इन्हें स्क्रैप कर नए बीएस-6, उससे कड़े मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर कई फायदे मिलेंगे. इसमें10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ, ब्याज पर 5 प्रतिशत की सब्सिडी और ओईएम की ओर से 8 प्रतिशत की विशेष छूट, ईंधन वाउचर या उसके समतुल्य एकमुश्त लाभ, यदि नए वाहन की जगह कोई पुराना बीएस-6 या इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन खरीदा जाता है, तो 10 वर्षों के लिए 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट और अन्य वित्तीय सहायता दी जाएगी.
पुरानी बसों और फिटनेस पेनल्टी में विशेष राहत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना में पुरानी बीएस-4 या उससे नीचे की बसों को भी शामिल किया गया है. इन पुरानी बसों को केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों से ही बदला जा सकेगा, जिन्हें मालवाहक वाहनों की तरह ही तमाम आकर्षक लाभ मिलेंगे. इसके साथ ही, योजना के तहत जिन पात्र वाहनों को स्क्रैप किया जाना है, उनके एक वर्ष से अधिक समय से लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी की देनदारियों में भी बड़ी राहत दी जाएगी. सबसे बड़ी सहूलियत यह है कि जिन बीएस-4 वाहनों को बदला जाना है, उन्हें अनिवार्य रूप से स्क्रैप कराना जरूरी नहीं होगा. वाहन मालिक चाहें तो ऐसे वाहनों को एनसीआर के बाहर स्थित नॉन-एनसीएपी (Non-NCAP) शहरों में भी बेच सकेंगे.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम ‘दिल्ली ईवी पॉलिसी-2026’ के उद्देश्यों को और अधिक सशक्त करेगा. सरकार का यह प्रयास है कि दिल्ली की सड़कों पर केवल स्वच्छ, हरित और आधुनिक व्यावसायिक वाहन ही दौड़ें. इस योजना के लागू होने से न सिर्फ परिवहन क्षेत्र से होने वाले हानिकारक धुएं और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा को सुधारने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

