गाजियाबाद। खेलों में पहचान केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि निष्पक्ष और दक्ष रेफरी भी बनाते हैं। गाजियाबाद की मंजू नयाल ने इसी भूमिका में इतिहास रचते हुए भारत की पहली 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय महिला कुराश रेफरी बनने का गौरव हासिल किया है। उज़्बेकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय रेफरी परीक्षा उत्तीर्ण कर यह उपलब्धि हासिल करने के साथ ही अब उन्हें विश्वस्तरीय कुराश प्रतियोगिताओं में मैच संचालन का अधिकार मिल गया है।
मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के हवालबाग विकासखंड स्थित सिलंगिया गांव की रहने वाली मंजू का बचपन पहाड़ की वादियों में बीता। शुरुआती शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद वह अपने पिता स्वर्गीय बचन सिंह नयाल के साथ दिल्ली आ गईं।
पढ़ाई के दौरान ही उनका रुझान जूडो और मार्शल आर्ट की ओर बढ़ा, जिसमें उनके पिता ने उत्साहवर्धन किया। बाद में उन्होंने प्राचीन उज्बेक कुश्ती शैली कुराश को अपना खेल चुना और लगातार मेहनत, अनुशासन व समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं।
मौजूदा समय में वह गाजियाबाद के गुरुकुल द स्कूल में वरिष्ठ खेल समन्वयक हैं। वह पिछले 22 वर्षों से वह खेल शिक्षा और कुराश से जुड़ी हैं, जबकि करीब 17 वर्षों से खिलाड़ी तैयार कर रहीं हैं। उनकी यह उपलब्धि गाजियाबाद ही नहीं, उत्तराखंड और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
मंजू नयाल के बारे में एक नजर में
- नाम : मंजू नयाल
- मूल निवास : सिलंगिया गांव, हवालबाग, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)
- वर्तमान निवास : वैशाली, गाजियाबाद
- पेशा : वरिष्ठ खेल समन्वयक, गुरुकुल द स्कूल
- शिक्षा : एम.पी.एड., बी.पी.एड., पीजीडी (योग शिक्षा)
- अनुभव : 22 वर्ष से खेल शिक्षा, 17 वर्ष से कुराश प्रशिक्षण
उपलब्धियों का सफर
- 2023: बी-लाइसेंस कोच व 1-स्टार अंतरराष्ट्रीय कुराश रेफरी बनीं।
- 2024: कजाकिस्तान के नोमैड गेम्स और रूस के चिल्ड्रेन ऑफ एशिया गेम्स में अंतरराष्ट्रीय रेफरी रहीं।
- 2025: 2-स्टार अंतरराष्ट्रीय रेफरी बनीं, बहरीन एशियन यूथ गेम्स में रेफरी की भूमिका निभाई।
- 2026: उज़्बेकिस्तान में परीक्षा पास कर भारत की पहली 3-स्टार अंतरराष्ट्रीय महिला कुराश रेफरी बनीं। जापान ओपन और जूनियर एशियन इंटरनेशनल कुराश कप में भी रेफरी रहीं।
कोच से इंटरनेशनल रेफरी तक
- 2015: चीनी ताइपे में जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कोच।
- 2003: नई दिल्ली में सीनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप की आयोजन समिति का हिस्सा।
- 2010: जूनियर वर्ल्ड कुराश चैंपियनशिप की आयोजन समिति में अहम जिम्मेदारी।
जानें कुराश क्या है?
- करीब 3,500 वर्ष पुरानी उज्बेकिस्तान की पारंपरिक कुश्ती शैली।
- एशियन गेम्स का आधिकारिक खेल।
- दुनिया के कई देशों में खेला जाता है।
- अंतरराष्ट्रीय कुराश संघ इसके संचालन और नियमों का निर्धारण करता है।
मंजू नयाल का अगला लक्ष्य
- एशियन गेम्स में रेफरी के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व।
- देशभर में महिला कुराश रेफरी तैयार करना।
- स्कूल स्तर पर अधिक से अधिक बच्चों को कुराश से जोड़ना।
- भारत में कुराश को लोकप्रिय खेल के रूप में स्थापित करने में योगदान।

