नोएडा। बरौला के पीजी में असम की 19 वर्षीय महक अहमद की हत्या के बाद बुधवार को उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से करीब दस बार वार करने की बात सामने आई है। गंभीर घाव में ज्यादा खून बहने से महक की मौत हो गई थी।
हत्या के बाद फरार आरोपित रमन राज को नोएडा पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसे नोएडा ला रही है। सर्विलांस टीम मोबाइल की लोकेशन के जरिए उसके करीब पहुंची थी। वहीं, मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने बताया कि महक असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली थी। तीन सप्ताह पहले वह माता-पिता को बिना बताए नोएडा आई थी। एक कॉल सेंटर में नौकरी करते हुए सहेली संजना के साथ बरौला के तीन मंजिला पीजी में रह रही थी। संजना भी असम की रहने वाली है।
बीटेक पास इंजीनियर है रमन
पीजी में ही उसकी बिहार के कटिहार निवासी रमन राज से बातचीत शुरू हो गई थी। रमन बीटेक कर चुका है और आईटी कंपनी में काम करता था। पिछले कुछ दिनों से वह कोई काम नहीं करता था। आठ अगस्त की रात महक और संजना कमरे के बाहर टहल रही थीं।
वहीं रमन शराब पी रहा था। दोनों में किसी बात को लेकर दोनों कहासुनी होने पर विवाद बढ़ गया। हालांकि, अभी विवाद की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि दस अगस्त को महक कमरे में नहीं मिली तो संजना ने मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद था।
इसी बीच लोगों को रमन के कमरे से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी गई। कमरे पर ताला लगा। शक होने पर मकान मालिक सार्थक बंसल के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और ताला खुलवाकर तलाशी ली तो महक का लहूलुहान शव देखकर होश उड़ गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर कई जगह चोट और धारदार हथियार से वार के निशान मिले हैं।
मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद से फरार आरोपित रमन की तलाश में जुटी पुलिस ने सर्विलांस से उसे ट्रैक किया। आरोपित अपने गृह जनपद कटिहार में मिला। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम बिहार रवाना हुई और बुधवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया। नोएडा लाकर पूछताछ में उससे हत्या की वजह और अन्य महत्वपूर्ण बातें सामने आएंगी।
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपित रमन को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हथियार से करीब दस वार करने और ज्यादा खून बहने से मौत की बात सामने आई है। महक का नोएडा में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
