लोन ऐप के जाल में फंसाकर अश्लील फोटो से ब्लैकमेल, नोएडा में 6 साइबर ठग गिरफ्तार

News Desk
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नई दिल्ली/नोएडा: साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार को आसान लोन का झांसा देकर सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में सेक्टर-141 से छह शातिर अपराधियों को धर-दबोचा है. यह गिरोह प्राइवेट लोन ऐप के माध्यम से कर्ज लेने वाले ग्राहकों को निशाना बनाता था.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले कर्जदारों को वीडियो कॉल करते थे और बाद में उनकी एडिटेड अश्लील तस्वीरें व वीडियो उनके रिश्तेदारों को भेजने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते थे. पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब तक विभिन्न म्यूल बैंक खातों के जरिए करीब 25 लाख रुपये की डिजिटल ठगी को अंजाम दे चुका है. पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 7 मोबाइल फोन, 4 एटीएम, 4 डेबिट कार्ड, 2 पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

एडीसीपी मनीषा सिंह के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से सेक्टर-141 से पकड़े गए सभी छह आरोपी वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में किराए पर रह रहे थे. पकड़े गए अपराधियों में दिल्ली का निशांत, याकूबपुर का अनीस, बुलंदशहर के आदित्य, निक्की व शिवा और बिहार के वैशाली का पंकज शामिल है, जिनमें से अधिकांश आरोपी केवल 12वीं पास हैं.

एडीसीपी मनीषा सिंह ने आगे बताया कि गिरोह के सदस्य लोन ऐप के ग्राहकों को निशाना बनाकर पहले वीडियो कॉल करते थे. इसके बाद पीड़ितों की तस्वीरों को एडिट कर अश्लील रूप दिया जाता था और उन्हें रिश्तेदारों में वायरल करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया जाता था. वसूली की रकम यूपीआई, क्यूआर कोड और म्यूल खातों के जरिए ट्रांसफर कराई जाती थी.

पांच शिकायतें अलग-अलग राज्यों में दर्ज

पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से कई एप मिले हैं. पुलिस को मोबाइल उपकरणों में यूएसडीटी के माध्यम से रकम के लेनदेन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अब तक म्यूल बैंक खातों के माध्यम से करीब 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है. गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर पांच शिकायतें भी मिली हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात की एक-एक तथा महाराष्ट्र की दो शिकायतें शामिल हैं.

बैंक खातों और डिजिटल नेटवर्क की जांच

पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया है. मामले में बीएनएस की कई धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है. इससे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के दूसरे मामलों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. जांच में म्यूल खातों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस खाताधारकों की भी जानकारी जुटा रही है. साथ ही डिजिटल करेंसी के जरिए रकम को आगे भेजने के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है.

लोन एप डाउनलोड करने से पहले जांच जरूरी

पुलिस ने लोगों को निजी लोन एप के इस्तेमाल को लेकर सावधान किया है. एडीसीपी मनीषा सिंह ने कहा कि किसी भी अनधिकृत एप से कर्ज लेने से बचें और केवल आरबीआई से अधिकृत वित्तीय संस्थानों के एप या माध्यम का इस्तेमाल करें. किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी फोटो, वीडियो, दस्तावेज अथवा बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें. साथ ही वीडियो कॉल, संदिग्ध लिंक, यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए भुगतान की मांग होने पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.

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