युवराज मेहता हादसा: शासन ने नोएडा प्राधिकरण की जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल

News Desk
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नोएडा। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मृत्यु 16 जनवरी को सेक्टर-150 स्थित एससी टू भूखंड के बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में कार गिरने और डूबने से हुई थी। घटना पर व्यापक हंगामा मचने के बाद शासन ने एडीजी मेरठ और मंडलायुक्त के नेतृत्व में एसआईटी भेजकर जांच कराई।

जांच में क्या हुआ, कौन दोषी था, क्या कार्रवाई होनी थी, यह अभी भी रहस्य का विषय बना हुआ है। जानकार बताते हैं कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट शाासन को दे चुकी है। शासन के पास रिपोर्ट विचाराधीन है।

कार्रवाई का आदेश

वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि एसआईटी ने गोलमोल रिपोर्ट दी, जिसकी वजह से शासन ने प्राधिकरण को विभागीय जांच करने और कार्रवाई का आदेश दिया था।

उधर, अधिकारियों ने इस संबंध में रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिस पर शासन ने गंभीर आपत्ति जताई है। शासन का कहना है कि रिपोर्ट में खानापूरी की गई है, जिससे युवराज मेहता के पिता की न्याय की उम्मीद भी टूट गई है।

जवाब और दस्तावेज मांगे

सूत्रों के अनुसार, उप सचिव ने इस मामले में 18 अगस्त को प्राधिकरण के सीईओ को पत्र भेजकर सात बिंदुओं पर विस्तृत जवाब और दस्तावेज मांगे हैं। हादसे की जांच के लिए प्राधिकरण ने सिविल, विद्युत यांत्रिक और ट्रैफिक सेल के महाप्रबंधक की समिति गठित की थी।

शासन ने सवाल उठाया है कि यदि तीनों विभागों के प्रबंधकों और जूनियर इंजीनियर को प्रथम दृष्टया दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है, तो संबंधित महाप्रबंधकों को दोषी क्यों नहीं ठहराया गया।

मलाईदार पदों पर तैनाती दे दी

प्राधिकरण ने केवल संविदा पर तैनात एक जूनियर इंजीनियर के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी है, बाकी पर कार्रवाई के बजाए इधर-उधर कर इतिश्रि कर ली गई। जबकि प्रबंधकों पर कार्रवाई किए जाने के बजाए मलाईदार पदों पर तैनाती दे दी गई।

शासन ने सभी जूनियर इंजीनियरों व प्रबंधकों के खिलाफ हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा और उसका आधार मांगा है। रिपोर्ट में तकनीकी आडिट सेल (टीएसी) और तकनीकी गुणवत्ता के लिए नामित संस्था के साथ जांच का उल्लेख है, लेकिन प्रारंभिक जांच आख्या और संबंधित दस्तावेज शासन को उपलब्ध नहीं कराए गए।

शासन ने यह भी पूछा है कि हादसे से पहले सेक्टर-150 में देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम, पद और दायित्व संबंधी निर्देशों की जानकारी मांगी गई है।

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