42वें दिन भी धरने पर डटे कनावनी के किसान, बोले—राजस्व अभिलेखों में नाम बहाल होने तक जारी रहेगा संघर्ष

गाजियाबाद। ग्राम कनावनी के किसानों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना गुरुवार को लगातार 42वें दिन भी जारी रहा। किसान अपनी मांगों को लेकर मजबूती के साथ धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण की कार्यवाही समाप्त/रद्द होने के बावजूद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा आगे की कार्यवाही जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी के विरोध में किसानों की ओर से माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना वाद दाखिल किया गया है। किसानों के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को अवमानना से संबंधित मानते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (VC) तथा एडीएम भू अर्जन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
किसान परवीन नागर और अशोक कसाना का कहना है कि जब न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और अधिग्रहण की कार्यवाही प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ाई जा सकती, तो किसानों के नाम राजस्व अभिलेखों में बहाल किए जाने चाहिए। किसानों ने स्पष्ट कहा कि अब उनकी मुख्य मांग मुआवजा नहीं, बल्कि राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम बहाल करना है।
किसानों ने कहा कि जब तक राजस्व अभिलेखों में उनके नाम बहाल नहीं किए जाते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
धरना स्थल पर चतर सिंह नागर, श्री चंद नागर, मथन सिंह नागर, परवीन नागर, सतीश नागर, विनोद नागर, जयपाल नागर, कबूल सिंह नागर, लखी राम शर्मा, सुखबीर सिंह नागर, श्याम सिंह ,अशोक कसाना,कुलदीप सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
