नोएडा। विसरा रिपोर्ट में पुलिस इस तरह से खेल कर रही है। हर बड़े मामले में शव का विसरा सुरक्षित बताकर मौत के स्पष्ट कारण को तत्काल पता लगने से दबाया जा रहा। शुरुआत में विसरा सुरक्षित रखने की बात बोल टकराया जाता है। दो से तीन माह में रिपोर्ट आने पर या तो मामला दब जाता अथवा रिपोर्ट को छिपाने का भी प्रयास होता है।
ऐसा ही एक मामला सेक्टर 20 थाना क्षेत्र के नामी इंग्लिश मीडिया स्कूल में चार सितंबर 2025 को संदिग्ध परिस्थितियों हुई छठीं कक्षा की छात्रा की मौत का भी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई बाहरी चोट नहीं थी, जबकि विसरा प्रयोगशाला भेजा गया था।
जहां अब तक परिवार मौत को सामान्य मानकर चल रहे थे, लेकिन नौ माह बाद चार्जशीट लगने के बाद मिली विसरा रिपोर्ट के बारे में जिसने भी सुना, उसके पैरो तले जमीन खिसक गई। पेट में बेंजोडाइजेपीन क्लास का ड्रग और प्राइवेट पार्ट स्वैब पर खून मिला। स्वजन को आशंका है कि उनकी बच्ची के साथ घिनौनी हरकत हुई है।
वह जानना चाहते हैं कि ऐसा किसने और क्यों किया। आखिर स्कूल और पुलिस ने घटना को क्यों छिपाया। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई कराने के लिए वह कोर्ट में पॉक्सो का मामला दर्ज कराएंगे। अभी तक पुलिस असली दोषियों का पता नहीं लगा पाई है। केवल लापरवाही मानकर जांच कर रही, जबकि स्वजन 10 माह में इस नतीजे तक भी पहुंच गए।
स्कूल ने साधी चुप्पी
स्कूल की प्राधानार्च से खबर के संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन न तो उन्होंने फोन उठाया और न ही मैसेज का कोई उत्तर दिया।
क्या है मामला?
छात्रा के चाचा का कहना है कि घटना के अगले दिन पांच सितंबर 2025 को सेक्टर 20 थाना पुलिस स्कूल से डीवीआर ले गई थी। छात्रा की मां की न्याय की गुहार लगाने की वीडियो प्रसारित होने पर 23 सितंबर को हल्की धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
थाना प्रभारी, जांच अधिकारी, नोएडा एसीपी प्रथम, डीसीपी से केस को लेकर मुलाकात की। धारा बढ़ाने की मांग की। विसरा रिपोर्ट आने पर धारा बढ़ाने का आश्वासन दिया। हर बार यहीं कहानी सुनाकर टरकाया गया। 28 जनवरी को पुलिस आयुक्त से मिले। उन्होंने तीन दिन में रिपोर्ट मिलने की बात कही, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली।
चार फरवरी को एसीपी प्रथम प्रवीन कुमार सिंह से मिले। उन्होंने रिपोर्ट में कुछ नहीं आने, अन्य केमिकल जांच कराने, लेकिन रिपोर्ट कोर्ट से प्राप्त होने की बात बोलकर भेज दिया। इसी बीच पुलिस ने चार्जशीट लगा दी और 13 मई को कोर्ट से विसरा रिपोर्ट मिली।
ओवरडोज से हो सकता है घातक
बेंजोडाइजेपीन क्लास का ड्रग शामक (औषधि) होती हैं। यह शांत करने या तनाव कम करने वाली दवा होता है। इन्हें ऐसी दवाइयों के रूप में जाना जाता है जो मन को शांत करती हैं, तनाव या चिंता घटाती हैं, और नींद लाने में मदद करती हैं। डा. संजीव ने बताया कि इसकी अधिक मात्रा घातक हो सकती है।
हाल में सुरक्षित रखे विसरा
- चार जुलाई को सेक्टर 135 स्थित स्विमिंग पूल में नहाते समय तबीयत बिगड़ने के बाद डूबने से मणीपुर के युवक की मौत, विसरा सुरक्षित रखा।
- नौ जुलाई को सेक्टर 58 में इंजीनियर की करंट लगने पर नाले में डूबने से हुई मौत, इस मामले में भी विसरा सुरक्षित रखा।

