नोएडा। दादरी नोएडा गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (डीएनजीआइआर) के तहत 209.11 वर्ग किमी में विकसित होने वाले ‘नया नोएडा’ में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया मंगलवार को आरंभ कर दी गई है।
नवनियुक्त पांच लेखपालों ने किसानों से आपसी सहमति से जमीन लेने के लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। लेखपालों की टीम संबंधित गांवों में पहुंचकर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन और जमीन की स्थिति का आकलन कर रही है।
इस सर्वेक्षण के दौरान खेतों की वर्तमान स्थिति, मालिकाना हक, खसरा-खतौनी के विवरण और आबादी क्षेत्र से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है। पहले चरण में 37 गांवों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें 24 गांव बुलंदशहर और 13 गांव गौतमबुद्ध नगर के हैं।
औद्योगिक, आवासीय और लॉजिस्टिक हब के रूप में होगा विकसित
सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद संबंधित किसानों और भूमिधरों के साथ आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ‘नया नोएडा’ को औद्योगिक, आवासीय और लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
इस परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता होगी, इसलिए प्राधिकरण प्रारंभिक स्तर पर जमीन संबंधी सभी अभिलेखों को अपडेट करने में जुटा है ताकि किसानों से जमीन खरीदने का कार्य शीघ्र संपन्न हो सके।
मुआवजा की दर 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त 3800 रुपये प्रति वर्गमीटर और सात प्रतिशत का विकसित भूखंड भी शामिल किया गया है। किसानों से आपसी सहमति से ही जमीन ली जाएगी, जिसके लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं।
ईस्टर्न पैरीफेरल बनाने का प्रस्ताव
18 अक्टूबर 2024 के बाद का निर्माण अवैध माना जाएगा। इसके लिए सैटेलाइट इमेज का सहारा लिया जाएगा। जो निर्माण इस तिथि के बाद होगा, उसे आबादी में नहीं माना जाएगा और ऐसे में उसका कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। प्रत्येक गांव की जमीन लेने के बाद ईस्टर्न पैरीफेरल बनाने का प्रस्ताव भी है।
बुलंदशहर के गांवों में बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनुपर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुद्र, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालन, सेरपुर और सिकरा शामिल हैं।
गौतमबुद्ध नगर के गांवों में आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशनुपर, फूलपुर और सैंथली शामिल हैं।
‘नया नोएडा’ के विकास को गति देने के लिए पांच लेखपालों की टीम ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह क्षेत्र के किसानों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। प्राधिकरण का उद्देश्य है कि ‘नया नोएडा’ को एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
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क्रांति शेखर सिंह, ओएसडी भू-राजस्व, नोएडा प्राधिकरण।
